एक पुलिस अधिकारी को उनके वरिष्ठ अधिकारियों और आम जनता के सामने जोर-जोर से हड़काते केंद्रीय मंत्री का एक वीडियो कभी काफी सुर्खियों में रहा था। घटना साल 2019 की है। उस वक्त केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे अपने संसदीय क्षेत्र बक्सर के डुमरांव में पहुंचे थे। अश्विनी चौबे ने यहां जनता दरबार लगाई थी। जनता दरबार के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक कार्यकर्ता ने अश्विनी चौबे को बताया कि पुलिस ने उनका नाम गुंडा रजिस्टर में दर्ज कर दिया है।

यह बात सुनते ही अश्विनी चौबे ने संबंधित थाने के थानेदार को वहां बुलाया और फिर उनकी जमकर क्लास ली। अश्विनी चौबे ने बीच जनता दरबार में थानेदार से पूछा कि ‘बताइए क्या बात है? इसपर थानेदार कहते हैं कि हमने इनका नाम गुंडा लिस्ट में डाला है…इनका नाम गुंडा लिस्ट में पड़ा हुआ है। इसपर अश्विनी चौबे कहते हैं कि आप जानते हैं कि ई गुंडा है?…आप गुंडा देखे हैं कभी?…इसके बाद अश्विनी चौबे दोबारा पूछते हैं कि ई गुंडा है?…जैसे ही पुलिसवाला कुछ कहना चाहता है अश्विनी चौबे उसे डांट कर और ऊंगली दिखा कर कहते हैं कि चुप! ई गुडा है।

इसके बाद वहां मौजूद लोग ताली बजाने लगते हैं। हालांकि अश्विनी चौबे लोगों को ताली बजाने से रोकते हैं…ये गुंडा दिखाई पड़ रहा है…चोर, गुंडा का नोटिस दिया है आपने इनको…किसने कहा था…किस पदाधिकारी ने कहा था ऐसा करने के लिए मैं जानना चाहता हूं…एसपी कहा था, डीजीपी कहा था…किसने कहा था बताइए? आप दारोगा जी हैं…आप एक सरकारी अधिकारी हैं..किसने कहा था आपको यह करने के लिए…किसी को भी गुंडा बता देंगे आप…ये पोटा राज है यहां…

जो गुंडा आदमी है उसको तो ठीक नहीं कर पाओगे आप और जो शांत आदमी है उसको गुंडा बता देंगे आप…आपने नोटिस दिया..दारोगा जी उसी नोटिस के बदले आप पर कार्रवाई शुरू कर देंगे तो कहां जाएंगे आप?…आपका वर्दी उतर सकता है…आप बात समझ रहे हैं, आपकी वर्दी उतर सकती है…

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इसके बाद अश्विनी चौबे थानेदार से कहते हैं कि वो अपनी माइक वहां मौजूद डीएसपी को दे दें और पार्टी कार्यकर्ता को दिया गया नोटिस वापस ले लें।