तमिलनाडु में अलग जाति में विवाह करना एक दलित कपल को महंगा पड़ गया। यहां खाप पंचायत ने इस दलित कपल को मंदिर में जाने की इजाजत भी नहीं दी। मामला तमिलनाडु के Thirupathur का है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 26 साल के कंगाराज और 23 साल की जयाप्रिया ने साल 2018 में शादी रचाई थी। कंगाराज Muracha Parayar और जयाप्रिया Thamana Paraya समुदाय से आती हैं। यह दोनों ही जातियां अनुसूचित जाति के तहत आने वाली समुदाय है। जयाप्रदा के परिजन उनकी शादी के खिलाफ थे जिसके बाद दोनों ने पुलूर गांव छोड़ दिया और शादी रचा ली।

बताया जा रहा है कि पेशे से ड्राइवर कंगाराज चेन्नई में रहते थे। लॉकडाउन के दौरान जब उनकी नौकरी चली गई तब वो पुलूर गांव पहुंचे। उनका कहना है कि गांव में घुसने के लिए खाप पंचायत ने शर्त रखी थी कि उन्हें ढाई लाख रुपए बतौर हर्जाना देने होंगे। कंगाराज का कहना है कि गांव में अलग जाति में विवाह करने पर 5000-10000 रुपया जुर्माना लगाना खाप पंचायत के लिए आम बात है लेकिन यह रकम काफी बड़ी थी और उन्होंने पैसे देने से इनकार कर दिया।

कंगाराज का कहना है कि खाप पंचायत ने उनपर पैसे देने के लिए काफी दबाव बनाया। जब उन्होंने और उनकी पत्नी ने गांव में आयोजित होने वाले पर्व में शामिल होने की कोशिश की तब पंचायत ने उन्हें मंदिर में घुसने से रोक दिया। इस मामले में कपल ने Thimampettai थाने में केस दर्ज कराया। कंगाराज का आरोप है कि खाप पंचायत के प्रमुख इल्लपन और नागेश इसके बावजूद पैसों के लिए उनपर दबाव बनाते रहे। हालांकि दोनों खाप प्रमुखों ने इन आरोपों से इनकार किया है।

इधर कंगाराज का कहना है कि मंदिर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इलप्पन और उसके लोगों ने पिछले हफ्ते उनके ससुर की पिटाई की। इस मामले में थाने में केस दर्ज कराया गया है। हालांकि मामले में इलप्पन ने भी कंगाराज और उसके परिजनों पर केस दर्ज कराया है।

इधर इस मामले में यहां के पुलिस अधीक्षक विजय कुमार ने कहा है कि पंचायत ने अभी तक कंगाराज से जुर्माना लिया नहीं है। दोनों ही पक्षों की तरफ से केस दर्ज कराया गया है। मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दोनों ही तरफ से मारपीट की गई है। मामले की जांच की जा रही है।