निडर अफसरों की फेहरिस्त में आज बात चर्चित आईपीएस अफसर वी सी सज्जनार की। कर्नाटक के हुबली से ताल्लुक रखने वाले वी सी सज्जनार 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। साल 2008 में जब वो वारंगल में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात थे तब लड़की पर एसि़ड से हमले के 3 आरोपी लड़के एनकाउंटर में मारे गए थे। इन लड़कों के हमले में 2 लड़कियां बुरी तरह झुलस गई थीं। इस एनकाउंटर के बाद वी सी सज्जनार को एक हीरो के तौर पर देखा जाने लगा था।

साल 2014 में जब आंध्रप्रदेश दो हिस्सों में बंटा तो सज्जनार तेलंगाना कैडर में आ गए। सात साल तक स्पेशल इंटेलिजेंस ब्रांच में काम कर चुके हैं। माओवादियों के खिलाफ ऑपरेशन चला चुके हैं। उन्हें ‘एनकाउंटर मैन’ के तौर पर भी जाना जाता है। साइबराबाद पुलिस कमिश्नर बनाए जाने से पहले सज्जनार स्पेशल इंटेलिजेंस ब्रांच के आईजी भी रह चुके हैं। यह ब्रांच मुख्य रूप से एंटी नक्सली अभियान चलाने के लिए जाना जाता है। सज्जनार के सेवा काल में कई बड़े नक्सलियों ने पुलिस के खौफ से या तो सरेंडर कर दिया या फिर गिरफ्तार कर लिये गये।

अगस्त 2016 में सज्जनार ने जिस एंटी नक्सल ऑपरेशन को लीड किया उसकी काफी चर्चा हुई थी। इस ऑपरेशन के दौरान माओवादी से गैंगस्टर बने मोहम्मद नईमुद्दीन एनकाउंटर में ढेर हो गया था। उस वक्त पुलिस ने बताया था कि हैदराबाद के बाहरी इलाकों में नईमुद्दीन ने पुलिस पर एके-47 से गोलियां बरसाईं और वहां से भागने की कोशिश की, इस दौरान वो मुठभेड़ में मारा गया।

27 नवंबर 2019 की रात. तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले में एक महिला डॉक्टर के साथ गैंगरेप किया गया। फिर उनकी हत्या कर लाश को जला दिया गया। अगले दिन सुबह जब ये घटना सामने आई, तब बवाल मच गया। पूरे देश में इस घटना के खिलाफ आक्रोश था। इस घटना के दोषियों को जल्द से जल्द सजा देने की मांग चली। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को सबूतों के आधार पर गिरफ्तार किया। मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया।

मजिस्ट्रेट कोर्ट से उन्हें जेल भेजा गया। पुलिस ने कस्टडी मांगी तो 10 दिन की कस्टडी मिली। कस्टडी में पूछताछ हो रही थी तब 6 दिसंबर की सुबह साइबराबाद पुलिस ने इन्हीं चारों आरोपियों का एनकाउंटर कर दिया। उस वक्त पुलिस ने कहा था कि सीन रिक्रिएट करने के दौरान अपराधियों ने भागने की कोशिश की और फिर उनका एनकाउंटर हुआ।