हाईप्रोफाइल पार्टी में शिरकत करना, लग्जरी गाड़ियों में घूमना और अमीरों से दोस्ती करना। आप इसे उस लेडी डॉन का शौक कह सकते हैं जो खुद को IAS अधिकारी बता कर कई गंभीर अपराधों में संलिप्त रही। आज हम बात कर रहे हैं जयपुर की लेडी डॉन खुशबू शर्मा की। साल 2015 में सोढ़ाला थाने की पुलिस ने इस डॉन को पकड़ा था। इसके पकड़े जाने के बाद कई ऐसे भेद खुले जिसे सुनकर एक बार तो पुलिस भी चौंक गई। पकड़े जाने से पहले इसने खुद को एक IAS भी बताया था जो बाद में झूठ निकाला।
दरअसल खुशबू के पकड़े जाने से कुछ दिनों पहले एक युवक ने पुलिस को बताया था कि उसने अजमेर रोड पर एक महिला को लिफ्ट दी थी। यह महिला उन्हें अपनी बातों में फंसा कर राजापार्क ले गई। यहां कुछ देर घूमने के बाद इस महिला ने मेडिकल दुकान से सामान मंगवाया। जब यह युवक अपनी गाड़ी से सामान लाने के लिए उतरा तब वो महिला उनकी गाड़ी लेकर फरार हो गई। इसी मामले में पुलिस आरोपी को पकड़ना चाहती थी और फिर आखिरकार कानून के हाथ खुशबू शर्मा तक पहुंच गए। खुशबू शर्मा को उस वक्त अजमेर पुलिस ने पकड़ा था और पता चला कि सोढ़ाना की पुलिस भी उसे कई दिनों से तलाश रही थी।
खुशबू शर्मा के गिरफ्त में आने के बाद कई अहम बातों का खुलासा हुआ। पता चला कि टेस्ट ड्राइव के नाम पर कार लेकर फरार होने और खुद को आईएएस बताकर रुपए ठगने में यह महिला माहिर है। खुशबू के एक नहीं कुल पांच नाम सामने आ चुके हैं। जयपुर सहित पांच जिलों में पुलिस को उसकी तलाश थी। क्राइम फाइल में खुशबू शर्मा (26) उर्फ पूजा उर्फ प्रियासिंह उर्फ काजल उर्फ स्मृति के नाम से जिसे पुलिस तलाश रही थी। कहा जाता है कि उसने कुछ ही दिनों पहले दक्षिण अफ्रीका की लेडी डॉन कोको की तर्ज पर खुद का नया नाम लेडी डॉन कोको रखा था।
पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद खुशबू शर्मा ने अपना असली पता करोल बाग का बतलाया था लेकिन जांच में यह पता भी गलत निकला। उसने साल 2013 में आईएएस प्रवेश परीक्षा देने की बात कही थी। इतना ही नहीं उसने पुलिस के सामने दावा किया था कि वो हांगकांग की एक यूनिवर्सिटी से पढ़ी-लिखी है। पुलिसिया तफ्तीश में खुलासा हुआ था कि खुशबूशर्मा आम तौर पर लोगों को ठगने में माहिर थी। पहचान छिपा कर उसने कई लोगों को लूटा था। कार चोरी और ब्लैकमेलिंग के जरिए उसने मोटी कमाई भी की थी।
