जब अर्चना झा गर्भवती थीं तब उस वक्त भी वो लगातार अपना फर्ज निभा रही थीं तथा ईमानदारी से ड्यूटी कर रही थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कवर्धा दौरे के दौरान वो फोन से लगातार कर्मचारियों को निर्देश दे रही थीं और दौरे के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी ना फैले इस बात का पूरा ख्याल रख रही थीं।
आज बात एक ऐसी महिला IPS अफसर की जो अपने फर्ज से कभी पीछे नहीं हटती हैं।
छत्तीसगढ़ में तैनाती के दौरान अर्चना झा अपने काम करने के तरीके को लेकर काफी चर्चा में रही हैं। रायपुर में क्राइम डीएसपी रहते हुए अर्चना झा अपने बेटे को गोद में लेकर ड्यूटी करती नजर आई थीं। अपने बच्चे को साथ लेकर रात में गश्त लगा रही इस महिला अधिकारी की बहादुरी को देख उस वक्त सभी लोग दंग रह गए थे। अर्चना, रायपुर क्राइम ब्रांच में डीएसपी थीं और हफ्ते में दो दिन नाइट पेट्रोलिंग पर रहती थीं। उनके पति की जॉब बिलासपुर में है, ऐसे में बेटी को घर पर छोड़कर जाना संभव नहीं होता। इसलिए उसे लेकर पेट्रोलिंग पर निकलती थीं
पुलिस की नौकरी के कारण अर्चना को कई बार रात को भी गश्त पर जाना पड़ता है, ऐसे में घर पर जब कोई नहीं होता तब वह गश्त पर अपनी बेटी को भी साथ ले जाती थीं। जब बच्चे के साथ ड्यूटी कर रही अर्चना की तस्वीरें सामने आई थीं तब उन्होंने कहा था कि एक छोटी बच्ची की मां होने के बावजूद उनकी यह जिम्मेदारी कभी उनकी नौकरी के आड़े नहीं आई।
वह दोनों में पूरी तरह सामंजस्य बनाने का प्रयास करती है। बताते हैं कि अर्चना जब गर्भवती थी तब भी उन्होंने कम से कम छुट्टी लेने का प्रयास किया, वह अंत समय तक ड्यूटी ही करती रही। बेटी के जन्म के समय भी वह मात्र चार-पांच महीने ही मातृत्व अवकाश पर रहीं जबकि महिला कर्मियों के लिए दो साल तक की छूट है। सोशल मीडिया पर अर्चना की यह तस्वीर वायरल होने के बाद लोग उनकी काफी तारीफ कर रहे थे।
आपको बता दें कि महिलाओं के शोषण उत्पीड़न के तमाम मामलों में सख्त रवैया अपनाने वाली इस महिला आइपीएस अधिकारी ने बिलासपुर में हत्या और लूट के एक दर्जन से ज्यादा मामलों का पर्दाफ़ाश किया। पुलिसिंग के अलावा महिलाओं बालिकाओं के लिए अलग अलग किस्म के जन जागरण अभियान चलाए।

