साल 2017 में राजस्थान Anti-terrorist Squad(ATS) ने एक ऐसे डॉक्टर को पकड़ा जो पुलिस की फाइलों में वांछित था। उस वक्त एटीएस की टीम अपना हूलिया बदल कर स्थानीय लोगों के आसपास ही रहती थी ताकि इस चिकित्सक को जाल बिछाकर पकड़ा जा सके। एमबीबीएस की डिग्री रखने वाले डॉक्टर कुलदीप यादव को आखिरकार इस टीम ने ऋषिकेश से धर दबोचा था।

इस डॉक्टर को पकड़ने के लिए एटीएस की टीम ऋषिकेश, मेरठ और आसपास के इलाकों में अपने स्थानीय नेटवर्क को काफी सक्रिय कर रखा था। डॉक्टर कुलदीप यादव को बद्रीनाथ जाते वक्त पकड़ा गया था। पुलिस ने बताया था कि उन्हें इस बात की सूचना था कि कि कुलदीप शराब की बोतल खरीदने के लिए आएगा। लिहाजा एटीएस के सदस्यों ने एक्साइज अफसर का वेश बदल लिया था और उन्होंने कुलदीप को सस्ते दाम पर शराब का ऑफर किया था। बाद में उसे पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया गया और फिर कई तकनीकि जांच के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

उस वक्त पुलिस ने खुलासा किया था कि जब कुलदीप यादव को गिरफ्तार किया गया था तब उसे लगा था कि उसके विरोधी चिकू गैंग के सदस्यों ने उसे किडनैप कर लिया है। बाद में जब उसे सच्चाई पता चली तब उसके होश उड़ गये थे।हरियाणा के रहने वाले डॉक्टर कुलदीप यादव पर हत्या, रंगदारी अपहरण समेत दर्जनों मामले दर्ज थे। इतना ही नहीं साल 2016 में कुलदीप अलवर की जेल से भागने में भी सफल हो गया था। इस दौरान वो राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा औऱ उत्तराखंड में छिपता रहा।

बताया जाता है कि रोहतक मेडिकल कॉलेज से कुलदीप यादव ने एमबीबीएस की परीक्षा में टॉप किया था। महेंद्रगढ़ शहर से दो किलोमीटर दूर स्थित गांव खायरा के रहने वाले कुलदीप का साल 2005 तक अपराध की दुनियां से कोई लेना-देना नहीं था। उनके परिचितों और अच्छे जानकारों की मानें तो वह पढ़ाई में बहुत होशियार था।

ज्यादा पैसे कमाने की लालच में वो जरायम की दुनिया में आया। उसने हरियाणा में अवैध प्रॉपर्टी खरीद-फरोख्त का काम शुरू किया। कहा जाता है कि कुलदीप यादव ने बब्बू नाम के एक शख्स के साथ जमीन के खरीद-फरोख्त का काम शुरू किया था। दोनों के बीच जल्दी ही दुश्मनी हो गई। इसके बाद साल 2012 में कुलदीप पर आरोप लगा कि उसने बब्बू को खायरा गांव में गोली मार दी। इस गोलीकांड में बब्बू बच गया और फिर शुरू हुई गैंगवार की कहानी।

आरोप है कि फरवरी 2014 में कुलदीप उर्फ डॉक्टर द्वारा महेंद्रगढ़ कोर्ट में पेशी पर आए बब्बू और प्रवीण खायरा पर अपने साथियों के साथ गोलीबारी की थी। इसमें एक पुलिस कर्मचारी गोली लगने से घायल हो गया था। आरोप है कि कुलदीप ने व्यापारियों और रईसों से मोटी रंगदारी भी कई बार मांगी है।