पाकिस्तान के सिंध प्रांत में हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ करने के आरोपी सभी 4 नाबालिगों को रिहा कर दिया गया है। इस मामले में शिकायत दर्ज कराने वाले प्रेम कुमार ने इन चारों नाबालिगों के खिलाफ अपनी दर्ज कराई शिकायत वापस ले ली है। जानकारी के मुताबिक स्थानीय हिंदू पंचायत के नेताओं के अनुरोध पर सद्भावना के तौर पर केस को वापस लिया गया है।
कुछ दिनों पहले यह चारों नाबालिग Premo-Ji-Vary गांव में स्थित हिंदुओं के मंदिर में चोरी के इरादे से घुसे थे। 12-15 साल के यह सभी बच्चे इस गांव के प्राथमिक स्कूल के छात्र हैं। इन सभी को Chhachhro पुलिस ने इनके पैरों के निशान के आधार पर पकड़ा था। इन सभी ने मंदिर में रखे गए दान पत्र से पैसे चुराने की बात कबूल भी की थी। शुरुआती जांच में यह बात भी सामने आई थी कि इन चारों ने मंदिर में रखे कुछ देवी-देवताओं की मूर्तियों के साथ तोड़फोड़ भी की थी।
इस मामले के बाद यहां काफी हंगामा मचा था। सिंध कैबिनेट के सदस्य और कुछ कानून विशेषज्ञों ने इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग भी की थी। जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में धारा 295 समेत कई अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था। इस मामले में जब सभी आरोपियों को सेशन कोर्ट में पेश किया गया तब इस मामले के शिकायत कर्ता प्रेम कुमार ने अपने सभी आरोप वापस लेने की याचिका डाली थी। इस याचिका में सभी आरोपियों के खिलाफ की गई शिकायत को वापस लेने की बात कही गई थी।
जिसके बाद अदालत ने इन सभी को रिहा कर दिया। कोर्ट द्वारा सभी आरोपियों को रिहा करने के बाद थारपार्कर के एसएसपी अब्दुल्लाह अहमिदयार ने ‘DAWN.Com’ से बातचीत करते हुए कहा कि अदालत द्वारा रिहा किये जाने के बाद सभी आरोपियों से एफआईआर हटा लिया गया है।
