उत्तराखंड में पुलिसवाले की बेटी से दोस्ती करने पर लड़के को प्रताड़ित किये जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि लड़की के पिता ने लड़के को थाने में बुलाकर पहले उसे प्रताड़ित किया और फिर सिगरेट से उसे जलाया। न्यूज एजेंसी ‘ANI’ के मुताबिक लड़की के पिता उत्तराखंड पुलिस में एडिशनल डायरेक्टर जनरल रैंक के अधिकारी हैं। अब इस मामले में देहरादून की पुलिस अधीक्षक स्वेता चौबे को जांच-पड़ताल करने की जिम्मेदारी दी गई है। डीजी, लॉ एंड ऑर्डर, अशोक कुमार ने न्यूज एजेंसी को यह जानकारी दी है।
इस मामले में पीड़ित छात्र की तरफ से पुलिस को शिकायती पत्र सौंपा गया है। पत्र में 11वीं में पढ़ने वाले छात्र की तरफ से कहा गया है कि उसकी दोस्ती आरोपी पुलिस अफसर की बेटी से थी। मंगलवार को पुलिस अधिकारी ने उसे बिंदल पुलिस स्टेशन में बुलाया और उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। आरोप है कि उस वक्त पुलिस अफसर वर्दी में थे।
लड़के का आरोप है कि उसे प्रताड़ित किये जाने के बाद उसके दाहिने हाथ को सिगरेट से जला दिया गया। पीड़ित लड़के ने बड़े पुलिस अधिकारी के अलावा चार अन्य पुलिसकर्मियों पर भी उसे प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि थाने से घर जाने के बाद लड़के ने अपने परिजनों को इस बारे में जानकारी दी।
इसके बाद परिजनों के तरफ से पुलिस को शिकायती पत्र सौंपा गया। हालांकि इस मामले में आरोपों से घिरे अफसर ने भी छात्र पर गंभीर आरोप लगाते हुए डीआईजी अरुण मोहन जोशी को शिकायती पत्र सौंपा है। डीआईजी ने पूरे मामले की जांच एसपी सिटी श्वेता चौबे को सौंप दी है।
डीजी कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने बताया कि डीआईजी को कार्रवाई के लिए कहा है। डीआईजी जोशी ने कैंट कोतवाली प्रभारी संजय मिश्रा और बिंदाल पुलिस चौकी प्रभारी विवेक राठी को बुलाकर रिपोर्ट ली है। जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
