वो गैंगस्टर जिसके खौफ से बड़े-बड़े लोग माथे पर आया पसीना पोंछना भी भूल जाया करते थे। वो कुख्यात जिसपर हत्या और लूट समेत 15 से भी ज्यादा मुकदमे दर्ज थे। कई दिनों तक पुलिस की पकड़ से दूर रहने वाले गैंगस्टर अल्लारखा को जब 4 महिला पुलिस अधिकारियों ने पकड़ा तब यह डॉन उनके सामने घुटनों के बल गिरा नजर आया। आज बात एटीएस की उन चार बहादुर महिला अधिकारियों ने जिनकी जांबाजी के आगे एक खूंखार अपराधी पल भर भी टिक ना सका।

संतोख ओडेदरा, अरुणा गोमती, शकुंतला मल औऱ नितिका गोहिल। गुजरात के आतंक विरोधी दस्ते में शामिल इन नामों को सुनने के बाद बड़े-बड़े अपराधी पानी मांगने लगते हैं। यूं तो इन चारों महिला पुलिस अफसरों ने कई बड़े कारनामों को अंजाम दिया है लेकिन सबसे चर्चित है अल्लारखा को जिंदा पकड़ने की इनकी जांबाजी।

घोड़े पर चलता था अल्लारक्खा

यह इतना खतरनाक अपराधी था कि उसके उपर हत्या और लूट के 15 से भी ज्यादा मुकदमे दर्ज थे। वह इतना शातिर था कि वह अपने पास न तो कोई गाड़ी रखता था और ना ही मोबाइल। अल्लारक्खा यात्राएं करने के लिए घोड़े का इस्तेमाल करता था, जिससे किसी तरह उसकी लोकेशन का पता नहीं लगाया जा सके।

एके-47 लेकर जंगल में चलीं

लेकिन संतोख ओडेरा, अरुणा, शकुंतला और नितमिका ने इस बड़े अपराधी को पकड़ने के लिए जबरदस्त प्लान बनाया। उन्होंने अल्लारक्खा को उसी के हथियार से मात देने का फैसला किया। महिला पुलिस अधिकारियों की इस टीम ने बिना गाड़ी के बोटाड के घने जंगलों में डेढ़(1.5) किलोमीटर की पैदल यात्रा की। AK-47 हाथ में लेकर महिला पुलिस अधिकारियों की टीम गुपचुप तरीके से जंगलों में घुस गई, जिससे कि अल्लारक्खा को किसी तरह भनक नहीं लग पाए।

घुटने पर आया अपराधी

साल 2019 के मई के महीने में एटीएस की टीम को मुखबिर से अल्लारक्खा के छिपने के ठिकाने का पता चल गया था। चारो महिला अधिकारी जंगल में जाकर इस अपराधी के ठिकाने के पास जाकर छिप गईं। जैसे ही सुबह हुई और अल्लारक्खा अपने ठिकाने से बाहर आया। चारो महिलाओं ने उसे बंदूकों के निशाने पर ले लिया औऱ समर्पण करने के लिए मजबूर कर दिया। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारी संतोख ओडेरा आगे बढ़ीं और इस अपराधी को घुटने के बल पर ला दिया।

अल्लारखा के बारे में बताया जाता है कि वो जूनागढ़ के जंगलों से भलीभांति परिचित था। कई बड़ी वारदातों को अंजाम देकर वो इन्हीं बीहड़ों में छिप जाता था। लेकिन जब एटीएस को उसके जंगल में छिपे होने की सूचना मिली तब एटीएस ने उसे घेरने का प्लान बनाया। अल्लारक्खा का पूरा नाम जुसब अल्लारक्खा था। उसपर हत्या, लूट, फिरौती, जमीन हड़पने समेत कई धाराओं में केस दर्ज थे और जूनागढ़ पुलिस के लिए वो बरसों से सिरदर्द बना हुआ था।