इस महिला अफसर ने दवा माफिया के नाक में दम कर दिया था। ईमानदारी और मेहनत से काम करने वाली इस बेखौफ महिला अधिकारी का नाम शौरी है। पंचकुला की रहने वाली नेहा शौरी के बारे में आपको बता दें कि साल 2009 में सितंबर के महीने में जब वो रोपड़ जिले में बतौर ड्रग इंस्पेक्टर पोस्टेड थीं तब उन्होंने बलविंदर नाम के एक शख्स की दुकान पर अचानक छापेमारी की थी।

रेड के दौरान ड्रग एडिक्टेड लोगों द्वारा ली जाने वाली करीब 35 तरह की दवाइयां बरामद की गई थीं। लेकिन इस दवाइयों को लेकर उस वक्त बलविंदर कोई भी कानूनी कागज पेश नहीं कर सका था। जिसके बाद इस महिला अफसर ने बलविंदर की दुकान का लाइसेंस रद्द कर दिया था। लेकिन बलविंदर महिला इंस्पेक्टर की इस कार्रवाई को 10 साल तक नहीं भूला। साल 2019 में बलविंदर ने इस साहसी महिला अधिकारी की उनके दफ्तर में घुस कर हत्या कर दी थी।

उस वक्त नेहा शौरी पंजाब सरकार के फूड औऱ ड्रग्ड एडमिनिस्ट्रेशन विंग में काम कर रही थी। मार्च के महीने में वो मोहाली के खरार स्थित अपने कार्यालय में हर रोज की तरह अपना काम निपटा रही थीं। उसी वक्त बलविंदर गार्ड से छिपते-छिपाते कार्यालय में दाखिल हुआ था। उसने प्वाइंट 32 बोर पिस्टल से महिला अधिकारी के सीने औऱ गर्दन पर गोली मार दी थी।

दफ्तर में घुस महिला अफसर को सीने और गर्दन में मार दी थी गोली, ड्रग माफिया पर शिकंजा कसने वाली नेहा शौरी की कहानी उस वक्त पंजाब पुलिस ने बताया था कि साल 2009 में दवाई की दुकान का लाइसेंस रद्द करने के चलते आरोपी बलविंदर नेहा शौरी के खिलाफ बदले की भावना से भर गया था और उसने उनके मर्डर की साजिश रची थी। उस दिन सुबह जब नेहा, खरार स्थित अपने दफ्तर में मौजूद थीं तो आरोपी बलविंदर सिंह ने सुबह 11 बजकर 40 मिनट में उनके कार्यालय में घुसकर .32 बोर लाइसेंसी रिवॉल्वर से तीन गोलियां मारकर उनका कत्ल कर दिया।

बलविंदर बैग में रिवॉल्वर लेकर आया था। बताया गया था कि घटना के समय दफ्तर में एक ही सुरक्षाकर्मी तैनात था, लेकिन वह बलविंदर को देख नहीं पाया था। हत्या की यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई थी। नेहा पर जिस वक्त हमला हुआ था उस वक्त वह अपनी 3 साल की भतीजी से बातें कर रही थीं। हमलावर ने बच्ची के सामने ही नेहा पर तीन गोलियां दागीं थी। एक गोली उनके सीने पर, दूसरी चेहरे पर और तीसरी कंधे पर लगी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।