यह शख्स पहले एक हत्या करता है और फिर पुलिसवाला बनकर वर्दी की आड़ में छिप जाता है। जी हां, यह किसी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं बल्कि रियल लाइफ में जुर्म की एक ऐसी दास्तान है जिसके बारे में सुनकर आप हैरत में पड़ जाएंगे। अब से करीब 22 साल पहले उत्तर प्रदेश के बरेली में एक शख्स की हत्या हुई थी। अरसे तक पुलिस इस केस को सुलझाने और मर्डर के आरोपी को दबोचने का प्रयास करती रही लेकिन वो कामयाब नहीं हो सकी।
दरअसल इस हत्या के आरोपी ने किसी तरह उत्तराखंड में पुलिस विभाग में नौकरी हासिल कर ली। नौकरी के दौरान 19 साल तक राज्य में अलग-अलग जगहों पर उसकी पोस्टिंग होती रही और वो चुपचाप से अपनी नौकरी करता रहा। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2001 में बरेली के अभयपुर थाना कैंट का मुकेश कुमार उत्तराखंड पुलिस में भर्ती हुआ था।
हाल में किसी शख्स ने एसएसपी अल्मोड़ा को जानकारी दी कि मुकेश कुमार साल 1997 में बरेली में हुई एक हत्या में शामिल रहा है और इस मामले में वहां की एक अदालत ने उसे और पांच अन्य को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
अब इस मामले में पंतनगर पुलिस ने मुकेश कुमार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत केस दर्ज किया है। जानकारी के मुताबिक हत्या के 4 साल बाद साल 2001 में उसने राज्य पुलिस में नौकरी के लिए अप्लाई किया था। मुकेश कुमार पुलिस की नौकरी हासिल करने में कामयाब हो गया। उसने विभाग में अपना स्थायी पता भी गलत बताया।
उसने खुद को उत्तराखंड के उधम सिंह नगर का निवासी बताया था। अब इस सिपाही के खिलाफ पंतनगर पुलिस थाने में ऊधम सिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में तैनात वरिष्ठ लिपिक जोध सिंह तोमक्याल ने धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। मुकेश कुमार इस वक्त अल्मोड़ा में पदस्थापित है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में जांच के बाद जरुरी कार्रवाई की जाएगी।
