आम तौर पर कानून तोड़ने की स्थिति में अफसर दोषी शख्स पर जुर्माना लगाते हैं। आज हम बात एक ऐसे अफसर की कर रहे हैं जिन्होंने खुद पर ही जुर्माना लगाया था। बात साल 2019 की है। उस वक्त महाराष्ट्र के बीड स्थित कलेक्टर कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधानसभा चुनाव से अपना नाम वापस लेने वाले प्रत्याशियों के नाम के बारे में ऐलान किया जाना था। इस बैठक के दौरान एक पत्रकार की नजर पड़ी कि वहां प्लास्टिक के कप में चाय परोसा जा रहा है।

मार्च 2019 में यहां सरकार ने प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया था। अफसर को प्लास्टिक के कप में चाय दिये जाने पर वहां मौजूद पत्रकार ने इसपर सवाल उठाया। इसके बाद आस्तिक कुमार पांडे ने इसकी जिम्मेदारी अपने सिर ले ली थी। उन्होंने उसी वक्त खुद पर 5,000 रुपए का जुर्माना लगा दिया था।

उस वक्त आईएएस अफसर ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जिंदगी का एक उदाहरण दिया था। उन्होंने कहा था कि एक बार एक व्यक्ति ने महात्मा गांधी से कहा कि उनका बेटा मीठा बहुत ही ज्यादा खाता है और वो उसे ज्यादा मीठा खाने के लिए मना करें।

गांधी जी ने यह बात सुनते ही उन्हें 10 दिन बाद आने के लिए कहा। 10 दिन के बाद पिता अपने बेटे को लेकर महात्मा गांधी के पास पहुंचे। इसके बाद राष्ट्रपिता ने लड़के से कहा कि वो कोशिश करे कि वो मीठा खाना छोड़ दे। इसपर लड़के के पिता को आश्चर्य हुआ और उन्होंने महात्मा गांधी से पूछा कि उन्होंने 10 दिन पहले यह बात क्यों नहीं कही। इसके बाद गांधी जी ने जवाब दिया था कि ‘क्योंकि उस समय तक मैं खुद खाने में बहुत ही ज्यादा मीठा लेता था।’

आईएएस अफसर आस्तिक कुमार पांडे अक्सर चर्चा में रहते हैं। स्वस्छता को लेकर वो काफी जागरूक रहते हैं। उनकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी जिसमें वो एक दफ्तर की दीवार में पान की पीकें साफ करते नजर आ रहे थे।

यह तस्वीर साल 2018 की बताई गई थी। इस तस्वीर के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इस अफसर की खूब तारीफ भी हुई थी।