पढ़ाई के दिनों में उन्होंने लखनऊ यूनिवर्सिटी से गोल्ड मेडल हासिल किया। इसी तरह जब वो खेल के मैदान में उतरीं तब उन्होंने नेशनल टीम में जगह बना ली और जब पुलिस की वर्दी पहनी तब अपराधियों पर कहर बनकर टूट पड़ीं। हम बात कर रहे हैं साहसी आईपीएस अफसरों की लिस्ट में शुमार ज्योति प्रिया सिंह की। ज्योति प्रिया सिंह के पिता रणवीर सिंह 35वीं बटालियन के असिस्टेंट कमांडर थे और उनकी मां ऐना सिंह महिला डिग्री कॉलेज में लेक्चरर। एमएससी की छात्रा रही ज्योति प्रिया सिंह को कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ‘मिस जूलॉजी’ का क्राउन भी मिला था।
यूपीएससी की परीक्षा में ज्योति प्रिया सिंह को 171वां रैंक हासिल हुआ और वो आईपीएस अफसर बन गईं। ज्योति प्रिया 2008 बैच की अफसर हैं। पढ़ाई-लिखाई में होशियार ज्योति प्रिया सिंह ने जब वर्दी पहनी तब अपराधी उनसे खौफ खाने लगे। ईमानदार और साहसी आईपीएस अफसर कई बार अपने कामों की वजह से सुर्खियों में रहीं।
शिवसेना MLA पर केस दर्ज
महाराष्ट्र में तैनाती के दौरान एक घटना के बाद ज्योति प्रिया पूरे देश में चर्चा में आईं। वहां कोल्हापुर में एडिशनल एसपी के पद पर रहते हुए ज्योति प्रिया ने शिवसेना के तत्कालीन एमएलए राजेश क्षीरसागर और उनके दर्जनों समर्थकों पर छेड़छाड़ का केस दर्ज कर दिया था। उस वक्त यह आरोप लगा था कि इन सभी ने गणेश विसर्जन पर कुछ पुलिस कर्मियों के साथ अभद्रता की थी। महिला पुलिसकर्मियों की शिकायत पर ज्योति प्रिया ने विधायक पर केस कर दिया। कहा जाता है कि इसके बाद तो विभाग से लेकर सरकार तक की ओर से ज्योति पर दबाव बनाया गया, लेकिन उन्होंने केस वापस नहीं लिया। इसके बाद वह पूरे महाराष्ट्र के लिए रोल मॉडल बन गई थीं।
बाइक पर बैठ मनचलों को सिखाया सबक
ज्योति प्रिया सिंह को मनचलों पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए भी जाना जाता है। बात उस वक्त की है जब वो कोल्हापुर में ही एडिशनल एसपी के पोस्ट पर थीं। यहां की कुछ लड़कियों ने इस साहसी आईपीएस से मिलकर छेड़खानी की शिकायत की थी। शिकायत मिलते ही ज्योति प्रिया सिंह एक्शन में आ गईं और उन्होंने मनचलों को सबक सिखाने का प्लान तैयार किया। इस प्लान के तहत वो खुद सादे लिबास में बाइक पर बैठ कर मनचलों की खबर लेने निकल पड़ती थीं। एक दिन में 80 मनचलों को दबोच कर यह महिला आईपीएस सुर्खियों में आ गई थीं।
खेल के मैदान पर बनीं चैम्पियन
लंबी कद-काठी वाली इस महिला आईपीएस ने खेल के मैदान पर भी बाजी मारी है। ज्योति प्रिया सिंह बास्केटबॉल की बेहतरीन महिला खिलाड़ियों में गिनी जाती हैं। ज्योति ने स्कूल-कॉलेज और विवि के बाद बास्केटबाल में जूनियर इंडिया टीम तक का सफर पूरा किया।
