विख्यात समाजसेवी बाबा आमटे की पोती शीतल आमटे ने सोमवार (30-11-2020 को आत्महत्या कर ली। शीतल आमटे भी एक सोशल वर्कर थीं। न्यूज एजेंसी ‘ANI’ की रिपोर्ट के मुताबिक शीतल आमटे ने चंद्रपुर जिले के आनंदवन स्थित अपने घर पर सुसाइड किया है। पिछले सप्ताह ही शीतल आमटे ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर एक वीडियो अपलोड किया था। इस वीडियो में उन्होंने Maharogi Seva Samiti (MSS) में चल रही अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाया था लेकिन करीब 2 घंटे के बाद उन्होंने यह पोस्ट हटा दिया था। शीतल आमटे ने सोमवार की सुबह एक ट्वीट भी किया था। इस ट्वीट में उन्होंने एक पेंटिग पोस्ट किया था और लिखा था ‘युद्ध और शांति’
यहां बता दें कि शीतल आमटे नॉन-प्रॉफिट ऑर्गनाइजेशन ‘महारोगी सेवा समिति’ की Chief Executive Officer (CEO) भी थीं। यह संस्था मुख्य रूप से कुष्ठ रोग से जूझ रहे लोगों की मदद करता है। मशहूर समाजसेवी और एक्टिविस्ट बाबा आमटे को कुष्ठ रोगियों के कल्याण के संबंध में काम करने के लिए जाना जाता है। बाबा आमटे ने आनंदवन नाम का एक गांव बनाया था। इस गांव में कुष्ठ रोग से ग्रसित लोगों की जरुरतों का ख्याल रखा जाता था। साल 1949 में आनंदवन की स्थापना हुई थी। भारत सरकार ने साल 1971 में उन्हें पद्म श्री अवार्ड से सम्मानित किया था। आज भी उनके द्वारा किये गये कामों को उनके दोनों बेटे आगे बढ़ा रहे हैं।
शीतल, विकास आमटे और भारती आमटे की बेटी और डॉक्टर प्रकाश आमटे की भतीजी थीं। अभी शीतल आमटे की आत्महत्या के कारण का पता नहीं चला है, लेकिन कुछ लोगों का कहना है कि पारिवारिक मसले पर शीतल आमटे ने आत्महत्या कर ली है। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। वरोरा के उपजिला अस्पताल में उपचार के लिए ले जाने पर डाक्टरों ने शीतल आमटे को मृत घोषित कर दिया। शीतल ने जहरीले इंजे्क्शन का इस्तेमाल करके जान दे दी है। डॉक्टर शीतल आमटे को जनवरी 2016 में विश्व आर्थिक मंच द्वारा ‘यंग ग्लोबल लीडर 2016’ के रूप में चुना गया था।

