बात एक ऐसी महिला अफसर की जिन्होंने मंत्री के सामने ही उनके पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की क्लास लगा दी थी। लेडी अफसर फरहत जहां के बारे में कहा जाता है कि माफिया उनसे काफी डरते हैं क्योंकि वो उनपर सख्त कार्रवाई करने से कभी नहीं हिचकती हैं। मध्य प्रदेश के शहडोल में खनिज निरिक्षक के पद पर पोस्टिंग के बाद से ही फरहत जहां रेत माफियाओं के लिए काल बन गई थीं। कहा जाता है कि माफियाओं पर लगातार एक्शन करने की वजह से कुछ माफिया उनके घर की जासूसी तक करवाते थे।
ऐसा माफिया इसलिए करते थे क्योंकि वो उनकी कार्रवाई से पहले अलर्ट हो सकें। साल 2018 में फरहत जहां की गाड़ी में 2 नकाबपोश लोगों ने तोड़फोड़ की थी। उस वक्त यह बताया गया था कि यह हमला खनिज माफियाओं ने ही किया था। इस मामले में खनिज अधिकारी ने थाने में केस भी दर्ज करवाया था। पटासी गांव में इस लेडी अफसर पर पथराव भी हुआ था। उस वक्त भी वो अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने गई थीं। शहडोल में खनिज अधिकारी रहते हुए फरहत जहां ने पांच अवैध खनन माफियाओ की गाड़ी भी पकड़ी थी।
फरवरी 2020 में फरहत जहां ने कांग्रेसी मंत्री के सामने ही पार्टी कार्यकर्ताओं की क्लास लगा दी थी। इसका एक वीडियो भी सामने आया था। उस वक्त बताया गया था कि खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल शहडोल के दौरे पर आए हुए थे। उस वक्त कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने मंत्री के सामने खनिज अधिकारी और विभाग पर अवैध खनन कराने और बड़े माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगाया था। खनिज अधिकारी ने भी कांग्रेसियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई थी। खनिज अधिकारी फरहत जहां ने कहा था कि ‘हम कार्रवाई करते हैं। आपके भाई और परिवार के लोग ही अवैध खनन और रेत की चोरी कराते हैं।’
खनिज अधिकारी फरहत जहां ने कांग्रेसियों पर कई बड़े आरोप लगाए थे। फरहत जहां का कहना था कि ‘डेढ़ साल पहले गोरतरा में अवैध भंडारण का मामला बनाया था। यहां पर रेत जब्त करते हुए स्थानीय स्तर पर ही सुपुर्द कर दिया था। इस रेत को बाद में बेच दिया गया था। 14 लाख की रेत बेचने के मामले में खनिज विभाग ने दोबारा प्रकरण बनाया था। इसको लेकर सभी नाराज थे। मेरे और विभाग पर लगाए आरोप निराधार हैं। जिस क्रशर के आरोप लगाए, उसे सभी एनओसी के बाद स्वीकृति दी गई थी। आरोप लगाने वाले लोगों के भाई और रिश्तेदार ही खुद अवैध खनन कराते हैं।’

