आज बात उस साहसी महिला आईपीएस अधिकारी की जो निडर होकर अपराधियों पर कहर बनकर टूटती हैं। उनके काम करने के इसी अंदाज की वजह से उन्हें ‘लेडी सिंघम’ भी कहा जाता है। हम बात कर रहे हैं महिला पुलिस अधिकारी मंजिता वंजारा की। साल 2011 में उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा पास की थी। साल 2013 में वो महिला महिला एसीपी (F-Division) बनीं। हालांकि मंजिता वंजारा इससे पहले National Insitute of Fashion technology, गांधीनगर की पूर्व छात्रा भी रह चुकी हैं। वो एक पढ़ी-लिखी फैशन डिजायनर तथा एक सुपर कॉप दोनों ही हैं।

दिलचस्प बात यह भी है कि फैशन डिजायनर होने से पहले वो एक इंजीनियर भी रह चुकी है। उन्होंने अपना ग्रेजुएशन निरमा यूनिवर्सिटी, गुजरात से किया है। पोस्ट ग्रेजुएशन में उन्होंने गोल्ड मेडल भी हासिल किया है। वो एक प्रशिक्षित भरतनाट्टयम और कुच्चीपुड़ी नर्तकी भी हैं।

पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ कई क्षेत्रों में अव्वल मंजिता वंजारा के बारे में आपको बता दें कि उनके काम करने का अंदाज भी बिल्कुल जुदा है। जी हां, बॉलीवुड की किसी एक्शन थ्रिलर की तरह लेडी पुलिस अफसर ने बुर्का पहन कर जुए के अड्डे पर रेड डालकर काफी सुर्खियां बटोरी थीं। अप्रैल 2017 में हुई इस रेड में उनके साथ में सादी ड्रेस में बस एक सब इंस्पेक्टर थे और जुए के अड्डे पर 28 हार्डकोर जुआरी मौजूद थे। इस दिलेर पुलिस ऑफिसर ने बेहतरीन काम करते हुए इस रेड को अंजाम दिया। मंजिता कई सेक्स रैकेट के खुलासे के लिए रेड मार चुकी हैं।

इन सभी कामों के अलावा मंजिता वंजारा के बारे में आप यह भी जान लीजिए कि वो सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेती हैं। महिलाओं के उत्थान के लिए वो सुरक्षासहाय नाम के प्रोजेक्ट को लीड करती हैं। जिसके तहत घर में अवैध देशी शराब बनाने या अन्य छोटे मोटे अपराधों में लिप्त महिलाओं का पुनर्वास किया जाता है। मंजिता के प्रयासों से कई महिलाओं को पुनर्वास करने में मदद मिली है।

अब आप यह भी जान लीजिए कि मंजिता के बड़े पापा और गुजरात के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट डीजी वंजारा 30 साल तक पुलिस विभाग के कई उच्च पदों पर रहे। मंजिता का सपना हमेशा से ही पुलिस की वर्दी पहनने का था। यह सपना उन्होंने पूरा भी कर दिखाया