मुंबई में जेल ब्रेक कांड से हड़कंप मच गया है। हत्या, रेप समेत अन्य अपराधों के लिए जेल में कैद यहां 5 अपराधियों ने जेल की मजबूत दीवारों को भेद दिया और अंधेरे का फायदा उठाकर यहां से फरार हो गए। इस मामले में एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (ADGP) मिलिंद भांभरे ने ‘Mirror Online’ से बातचीत करते हुए बताया कि यह घटना डिस्ट्रिक्ट सब जेल करजात में हुई है।

पुलिस के मुताबिक यह कांड रविवार की रात 8 बजे उजागर हुआ। उस वक्त जेल की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने जब दैनिक जांच के दौरान लॉक-अप में 5 कैदियों को अनुपस्थित पाया तो हड़कंप मच गया। पता चला कि इन लोगों ने जेल की चहारदीवारी के छत पर बने लोहे के वेंटिलेटर को हटाया था और फिर इसी रास्ते वो जेल की छत पर चढ़कर फरार हो गए।

पुलिस को शक है कि इन पांचों कैदियों ने जेल के छत पर बने वेंटिलेटर तक पहुंचने के लिए ह्यूमन पिरामिड बनाया था। पिरामिड बनाकर यह ऊंचे वेंटिलेटर तक पहुंचे थे और फिर लोहे के इस वेंटिलेटर को इन्होंने वहां से हटा दिया था। फिलहाल पुलिस ने जेल से फरार होने वाले सभी पांचों कैदियों की तस्वीरें आसपास के थाने में दी है ताकि उनकी पहचान की जा सके और उन्हें पकड़ा जा सके।

जेल से जो कैदी फरार हुए हैं उनकी पहचान दयानेश्वर तुकाराम कोल्हे, अक्षय रामदास राउत, मोहम कुंडलिक मोर, चंद्रकांत माधव राउत और गंगाधर जगताप के रूप में हुई है। रेप, हत्या समेत अन्य मामले इनमें से अलग-अलग कैदियों पर दर्ज हैं। यह सभी रिमांड पर थे और न्यायिक हिरासत में थे।

नाटकीय तरीके से इन कैदियों के जेल से फरार होने के बाद जेल प्रशासन के कान खड़े हो गए हैं। जेल में सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। बहरहाल अब पुलिस जल्द से जल्द इन पांचों बदमाशों को पकड़ने की जुगत में लगी हुई है।