हरियाणा के करनाल में गौरक्षकों से दुर्व्यवहार की शिकायत मिलने पर एक उपनिरीक्षक समेत छह पुलिसर्किमयों को निलंबित कर दिया गया है। बता दें कि गौरक्षकों ने तीन सिपाहियों सहित छह पुलिसर्किमयों पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया था। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिसर्किमयों ने भी गौरक्षकों पर उनके आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वाह में बाधा उत्पन्न करने का आरोप लगाया था।
छह पुलिसकर्मी निलंबित: दरअसल करनाल के पुलिस अधीक्षक सुंरिदर भोरिया ने कहा कि इस मामले की जांच की जा रही है। एक डीएसपी रैंक के अधिकारी द्वारा अगले दो से तीन दिनों के भीतर मामले की रिपोर्ट मांगी गई है। भोरिया ने फोन पर कहा कि जांच पूरी होने और पूरा मामला स्पष्ट होने तक छह पुलिसकर्मी निलंबित रहेंगे। मामले में आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के परिणाम पर निर्भर करेगी। कुछ रिपोर्टों के अनुसार गौरक्षकों ने छह पुलिसर्किमयों पर हमला करने और गाय तस्करों की मदद करने का आरोप लगाया था।
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गौ तस्करी करने में मदद की थी: बता दें कि करनाल के एक स्थानीय न्यूज साइट के मुताबिक,गौरक्षा दल के प्रांतीय उपाध्यक्ष आचार्य आजाद सिंह आर्य ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि 1 दिसंबर को गौवंश से भरे ट्रक को पुलिस टीम के ही एक सदस्य ने खुद ट्रक चलाकर रोहतक से पानीपत होते हुए करनाल के रास्ते से गौ तस्करी करने में मदद की थी।
गौरक्षकों को गिरफ्तार कर मारपीठ की: उन्होंने आगे बताया कि जिस समय यह घटना हुई उस समय पुलिस की गाड़ी पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी,एक बिना नंबर की प्राइवेट कार भी उनके साथ थी। जब कुछ गौ रक्षकों ने पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी और ट्रक को रुकवाने का प्रयास किया तो सीआईए टीम ने उनको रिवाल्वर दिखाकर उठा लिया तथा उनके साथ मारपीट करने लगे। साथ ही उन पर पुलिस के काम में बाधा डालने के आरोप में केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।
