आज बात एक ऐसे गैंगस्टर की जो पुलिस का वेश बनाकर घूमता था ताकि कोई उसे पकड़ ना पाए। पुलिस ने इस गैंगस्टर के पास से दिल्ली पुलिस की बैच लगी वर्दी, हरियाणा पुलिस का आईकार्ड, लाल रंग के जूते और खाकी पगड़ी तथा पुलिस की बेल्ट बरामद की थी। उसके पुलिस के फर्जी आईकार्ड पर सुरेंद्र ग्योंग लिखा हुआ था।

इस कुख्यात सुरेंद्र ग्योंग पर 4 राज्यों में हत्या, लूट, अपहरण और फिरौती जैसे मामले दर्ज थे। हरियाणा के करनाल के रहने वाले ग्योंग के बारे में कहा जाता है कि 19 साल की उम्र में उसने पहली बार हत्या की थी।
बचपन में सुरेंद्र कैथल पढ़ने जाता था। कहा जाता है कि साल 1994 में एक दिन पढ़ाई कर वापस लौट रहे सुरेंद्र ग्योंग का ड्राइवर और कंडक्टर से झगड़ा हो गया था। इस मामले में मारपीट का केस दर्ज किया गया था।

पहली बार केस दर्ज होने के बाद उसने जरायम की दुनिया में कदम रख दिया। साल 1999 में आरोप लगा कि सुरेंद्र ग्योंग ने बैंक में एक व्यक्ति से एक लाख रुपए छीन लिए थे। इसके बाद पुलिस ने उसपर डकैती का केस दर्ज किया था। कहा जाता है कि इसके बाद जल्दी ही शहर में परमानंद गोयल नाम के एक पत्रकार की हत्या हुई और इस हत्याकांड में नाम उछला सुरेंद्र ग्योंग का।

जल्दी ही सुरेंद्र ग्योंग ने एक अन्य कुख्यात कृष्ण पहलवान के लिए काम शुरू कर दिया। हालांकि जल्दी ही कृष्ण के साथ उसका झगड़ा हो गया। कहा जाता है कि कुछ समय बाद कृष्ण पहलवान की हत्या हो गई और इस हत्याकांड में भी सुरेंद्र का नाम सामने आया।

इसके बाद सुरेंद्र आढ़तियों, डॉक्टरों और व्यापारियों से फिरौती मांगने लगा। कहा जाता है कि उसने कैथल में ही 50 से ज्यादा लोगों से वसूली की थी। कई सालों तक अपराध की दुनिया में कई क्राइम करने के बाद सुरेंद्र ग्योंग धीरे-धीरे पुलिस की नजरों में चढ़ गया। पुलिस ने उसे धर दबोचा और फिर साल 2005 में उसने अम्बाला जेल में रहते हुए सरपंच का चुनाव लड़ा और वो जीत भी गया।

कई मामलों के इस आरोपी को 23 मई 2016 को पैरोल मिली थी। 21 जून, 2016 को उसे वापस सरेंडर करना था लेकिन सुरेंद्र ने पैरोल जंप कर दिया। अदालत ने सुरेंद्र को भगोड़ा घोषित कर दिया। कई दिनों तक पुलिस उसे ढूंढती रही लेकिन उसका कुछ भी पता नहीं चल सका। पुलिस ने उसके सिर पर इनाम भी रख दिया था। पुलिस वाले का वेश बनाकर घूमने की वजह से पुलिस उसे पकड़ नहीं पा रही थी। साल 2018 में करनाल और कैथल पुलिस ने संयुक्‍त आपरेशन में ग्‍योंग को करनाल के गांव राहड़ा में मुठभेड़ में मार गिराया था।

बताया जाता है कि सुरेंद्र ग्‍योंग अपनी होंडा सिटी कार में जींद के असंध से करनाल की ओर जा रहा था। इसी भनक प‍ुलिस को पहले ही लग गई थी। जिसके बाद पुलिस ने उसे घेर लिया। इस दौरान सुरेंद्र के दोस्तों ने पुलिस पर गोली चला दी। इसके बाद पुलिस के साथ चले एनकाउंटर में सुरेंद्र ग्योंग ढेर हो गया।