दिल्ली के राजेंद्र नगर मेट्रो स्टेशन पर 10वीं कक्षा के एक छात्र ने प्लेटफॉर्म से कथित तौर पर कूद कर आत्महत्या कर ली। करीब तीन बजे इस घटना की सूचना मिलने के बाद एक टीम मौके पर पहुंची और लड़के को गंभीर रूप से घायल पाया। उसे तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने एक ‘सुसाइड नोट’ बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, 15 वर्षीय छात्र अपने परिवार के साथ राजीव नगर में रहता था और एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ता था, वह डांसर बनना चाहता था।

घर पहुंचा पति तो इस हाल में मिली पत्नी, देखते ही लगा ली फांसी; सात साल के बेटे को भी फंदे पर लटकाया, घर में मिला सुसाइड नोट

सुसाइड नोट में सामने आई दर्दनाक वजह-

‘जो भी ये पढ़ रहा है, मेरा नाम शौर्य पाटील है. 99115…. इस नंबर पर कॉल कर देना प्लीज। मुझे बहुत दुख है कि मैंने ये किया, मुझे इतना स्कूल वालों ने बोला कि मुझे करना पड़ा।’

अगर मेरे शरीर का कोई भी हिस्सा काम करता हो या काम करने की स्थिति में बचे तो कृपया इसे किसी ऐसे व्यक्ति को दान करें जिसे वास्तव में इसकी जरूरत हो।

मेरे माता-पिता ने बहुत कुछ किया, आई एम सॉरी मैं उनको कुछ नहीं दे पाया, सॉरी भैया मैं बदतमीज था। सॉरी मम्मी आपका इतनी बार दिल तोड़ा। अब आखिरी बार दिल तोड़ूंगा।

स्कूल के टीचर्स अब हैं ही ऐसे कि क्या बोलूं… युक्ति मैम, पाल मैम, मनु कालरा मैम। मेरी आखिरी इच्छा है कि इनके ऊपर एक्शन लिया जाए। मैं नहीं चाहता कोई और बच्चा मेरी तरह कुछ करे। अब कृपया इससे आगे का मत पढ़ो। केवल मेरे परिवार के सदस्यों के लिए है….

सॉरी भैया मैंने गाली दी, आपसे बहस की। जो बड़े भाई का सम्मान करना चाहिए था वो नहीं किया. वेरी सॉरी पापा, आप मुझसे वेप के लिए कभी माफ़ नहीं करोगे और करना भी नहीं चाहिए।

मुझे अच्छा इंसान बनना चाहिए था आपके जैसा, मम्मी आप ही हो जिसने मुझे सपोर्ट किया। ऐसे पार्थ भैया को भी और पापा को भी करते हैं। कॉल करें 99115….. 989…….

शौर्य पाटिल

मुझे खेद है लेकिन सेंट कोलंबा के शिक्षकों ने ऐसा किया है मेरे साथ’

पिता ने कहा मेरे बेटे को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया-

छात्र शौर्य के पिता ने आरोप लगाया कि उनके बेटा कई महीनों से परेशान था, उसके साथ बुरा व्यवहार किया जा रहा था। उसने मुझे और पत्नी को बताया था कि उसे हर छोटी बात पर डांटा जाता है। वे उसे मानसिक रूप से चोट पहुंचाते थे। हमने कई बार मौखिक शिकायत की लेकिन वे नहीं माने। 10वीं का पेपर दो महीने बाद ही थी इसलिए हमने उसका स्कूल नहीं बदला। परीक्षा खत्म होने के बाद हम उसका स्कूल बदलने वाला था। फिलहाल पुलिस इस मामले में छानबीन कर रही है। स्कूल देरी से पहुंची छात्रा, पीठ पर बैग रखकर 100 उठक बैठक की सजा पूरी करने के बाद हो गई मौत, शिक्षिका गिरफ्तार- पूरी कहानी

(Disclaimer: आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं है। अगर आपके मन में भी ऐसे ख्याल आ रहे हैं तो आप ऐसे किसी कदम को उठाने से पहले मदद मांग सकते हैं, मदद चाहिए तो क्लिक करें)