दिल्ली पुलिस ने अपनी होशियारी से कई कत्ल की गुत्थी सुलझा दी। अब पुलिस ने एक और गुत्थी सुलझाई है और इसके लिए पुलिस को झूठ भी बोलना पड़ा। आमतौर पर देखा जाता है कि आरोपी पुलिस से झूठ बोलता है, लेकिन इस बार तो पुलिस ने झूठ बोलकर ही मामला सुलझा दिया।

दरअसल दिल्ली के मंगोलपुरी में एक युवक का कत्ल हो जाता है। पुलिस को पार्क में उसका शव मिलता है और चेहरे पर बुरी तरह से पत्थर से वार किए जाते हैं। पुलिस इलाके में लगे सभी सीसीटीवी कैमरे खंगालती है, लेकिन उसे कुछ हाथ नहीं लगता। इलाके में रहने वाले लोगों से पूछा जाता है तो पता चलता है 35 वर्षीय चंद्रभान हत्या वाले दिन प्रदीप और राजू नाम के युवक से मिला था।

पुलिस को जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज मिलती है। उसमें दो लोग चंद्रभान के साथ नजर तो आते हैं, लेकिन उनके चेहरे साफ नहीं होते। ऐसे में पुलिस के सामने ये साबित करना बहुत मुश्किल होता हो जाता है कि ये राजू और प्रदीप हैं।

खैर, पुलिस इस मामले को आगे बढ़ाती है और राज, प्रदीप को पूछताछ के लिए थाने बुलाया जाता है। दोनों से लंबी पूछताछ चलती है, लेकिन पुलिस को कोई सुराग हाथ नहीं लगता है। अब क्योंकि दोनों पढ़े-लिखे थे तो उन्हें भी पता होता है कि पुलिस के पास कोई सुराग नहीं है क्योंकि उस रास्ते में कोई सीसीटीवी भी नहीं था। दोनों पुलिस की पूछताछ के बाद और भी ज्यादा सतर्क हो जाते हैं।

पुलिस का शक गहराई में बदल जाता है और एक बार फिर उनसे पूछताछ करने का फैसला करती है। राजू और प्रदीप को पुलिस थाने बुलाया जाता है। उनसे एक बार फिर पूछताछ शुरू होती है और जब पुलिस उन दोनों पर दबाव बनाती है तो वो उल्टा पुलिस से ही सीसीटीवी कैमरे की फुटेज या सबूत मांग लेते हैं।

पुलिस बताती है कि उनके पास NASA की तस्वीरें है उसमें देखा गया है कि तुमने ही चंद्रभान का कत्ल किया है। ये सुनकर दोनों दंग रह जाते हैं और अंत में ये स्वीकार भी कर लेते हैं कि किसी और ने नहीं बल्कि उन्होंने ने ही कत्ल किया है।