Mumbai Cyber Fraud Case: मुंबई में अंधेरी (पूर्व) के एक 71 वर्षीय एकाउंटेंट को ईमेल फ़िशिंग धोखाधड़ी में 5 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। अंधेरी पुलिस ने केस दर्ज कर इस मामले की जांच शुरू कर दी है। हैरत की बात है कि ईमेल फिशिंग करने वाले गिरोह के सदस्य ने खुद को अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी की बीवी रूला गनी के रूप में पेश किया था। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की संबंधित धाराओं के तहत साइबर धोखाधड़ी (Cyber Fraud) का मामला दर्ज किया है।
भारतीय बाजार में भारी निवेश करने में मांगी मदद
गिरोह के सदस्य ने खुद को अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी की पत्नी रूला गनी के रूप में पेश किया और भारतीय बाजार में भारी निवेश करने में एकाउंटेंट की मदद लेने के बहाने उसे लाखों का धोखा दिया। एकाउंटेंट को सबसे पहले 18 फरवरी को ‘rn-kawano@sese.plala.or.jp’ से एक ईमेल मिला और ईमेल भेजने वाले ने खुद को रुला गनी बताया।
22 मिलियन डॉलर की रसीद भेजकर दिया झांसा
मेल भेजने वाले ने रूला गनी होने का दावा करते हुए शिकायतकर्ता से भारत में उसकी ओर से पैसा निवेश करने में मदद मांगी। बाद में, उसने अपने पासपोर्ट की एक कॉपी, एक हालिया फोटो और 22 मिलियन डॉलर (180 करोड़ रुपये के बराबर) की रसीद भी भेजी। उसने उससे कहा कि उसे अपने बैंक खाते में रकम ट्रांसफर कर लेना चाहिए और इसमें से 25 प्रतिशत उसका कमीशन होगा। पुलिस ने कहा कि शिकायतकर्ता ने उसके प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया।
व्हाट्सएप कॉल के जरिए बनाया बेवकूफ
मेल भेजने वाले ने शिकायतकर्ता को आगे बताया कि उसे आगे की मदद के लिए अल्टो बेली नाम के एक व्यक्ति का फोन आएगा, जो परमाटा बैंक, जकार्ता, इंडोनेशिया का कार्यकारी प्रबंधक है। 28 फरवरी को शिकायतकर्ता को बेली की ओर से +6283899487594 नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया। बेली ने बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करने के लिए उससे कहा कि पहले उनके बैंक में एक खाता खोलना होगा और उसे अपने दस्तावेज़ और $360 की फीस भेजने के लिए भी कहा।
अकाउंट खोलने की फीस के नाम पर झटके 30 हजार
शिकायतकर्ता ने ईमेल के माध्यम से दस्तावेज भेजे और फीस के रूप में दिए गए बैंक खाते में लगभग 30,000 रुपये ट्रांसफर किए और इसके बारे में बेली को बता दिया। बेली ने तब उसे बताया कि उसके परमाटा बैंक खाते में 22 मिलियन डॉलर ट्रांसफर कर दिए गए हैं। पुलिस शिकायत में कहा गया है कि जब शिकायतकर्ता ने जांच की तो उसके खाते में कोई पैसा जमा नहीं हुआ था और उसने बेली को इस बारे में सूचित किया।
ट्रांसफॉर्मेशन फीस के नाम पर भी वसूले 4.79 लाख
बेली ने तब उसे बताया कि पैसे को अपने खाते में ट्रांसफर करने के लिए उसे अपने विदेशी बैंक खाते को स्थानीय खाते में बदलने की जरूरत है और उसे 4.79 लाख रुपये का ट्रांसफॉर्मेशन फीस भी देना होगा। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि शिकायतकर्ता ने रकम का भुगतान कर दिया, लेकिन इसके बावजूद उसने अपने बैंक खाते में पैसा ट्रांसफर नहीं किया गया। जब उन्होंने बेली को इसके बारे में बताया तो बेली ने उन्हें बताया कि तकनीकी समस्या के कारण रकम ट्रांसफर नहीं किया जा सका। उसने एकाउंटेंट से कहा कि वह एक राजनयिक के जरिए पूरी रकम नकद में उसके आवास पर भेज देगा।
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अफ्रीकी एकाउंटेंट ने घर आकर थमाया कैश से भरा बैग
प्राथमिकी में दर्ज जानकारी के मुताबिक इसके बाद चार अप्रैल को एक अफ्रीकी नागरिक एकाउंटेंट के यहां पहुंचा और उसे 2.2 करोड़ डॉलर नकद से भरा एक काला बैग थमा दिया और कहा कि 3.20 लाख रुपये की फीस बेली को ट्रांसफर करने के बाद ही बैग का ताला खोले। फिर फायदेमंद निवेश योजनाओं में नकदी का निवेश करें।
एकाउंटेंट ने परिवार की मौजूदगी में बैग खोला और…
अफ्रीकी नागरिक के चले जाने के बाद एकाउंटेंट और उसके परिवार के सदस्यों ने काले कागजों के बंडल खोजने के लिए बैग खोला। एकाउंटेंट को तब एहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है। कुछ दिनों के बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। अंधेरी पुलिस ने शनिवार को भारतीय दंड संहिता (IPC) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की संबंधित धाराओं के तहत साइबर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया।
पुलिस को नाइजीरियाई जालसाजों की करतूत का शक
एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “हमें संदेह है कि यह ईमेल फ़िशिंग धोखाधड़ी नाइजीरियाई जालसाजों की करतूत है और अपराध में इस्तेमाल किए गए फोन नंबरों, बैंक खातों और ईमेल आईडी के विवरण का विश्लेषण करके आरोपियों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।”
