CAA, NRC, NPR Protest In Aligarh: अलीगढ़ में हुई हिंसा के बाद अब इस हिंसा की प्रशासकिय जांच शुरू हो गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि इस पूरे हंगामे में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की छात्राओं का हाथ है। पुलिस का कहना है कि इस हिंसा के पीछे शामिल छात्राओं की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। यहां प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि इस आगजनी और तोड़फोड़ में हुए नुकसान का आकलन करने के बाद दंगाईयों की पहचान कर उनसे ही हर्जाने की रकम भी वसूली जाएगी। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो यहां पुलिस ने 40 नामजद समेत करीब 350 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है। यह सभी मुकदमे शहर कोतवाली, देहली गेट थाना और सिविल लाइन थाने में दर्ज हैं।
CAA के खिलाफ प्रदर्शन में बवाल: बीते रविवार की शाम को अलीगढ़ के उपरकोट इलाके में अचानक हिंसा भड़क गई थी। इस हिंसा में कुल 6 लोग जख्मी हो गए हैं जिनमें 2 पुलिस वाले भी घायल हैं। पुलिस के मुताबिक घायलों में से एक शख्स को गोली भी लगी है और चिकित्सकों ने कहा है कि उसकी हालत अभी स्थिर है।
दरअसल यहां नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन चल रहा था और इसी प्रदर्शन के दौरान बवाल हुआ है। पुलिस की मानें तो कुछ उपद्रवियों ने यहां पथराव किया, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया तथा सरकारी वाहनों को आग के हवाले कर दिया। पुलिस का कहना है कि हिंसा पर उतारू भीड़ को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए। इसके बाद इस इलाके से कुछ ही दूरी स्थित बाबरी मंडी इलाके में भी कुछ अन्य प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।’
बवाल के बाद इंटरनेट बंद: इस हिंसा के बाद अलीगढ़ के डीएम चंद्रभूषण सिंह ने बताया है कि इलाके में 24 घंटे के लिए इंटरनेट बंद कर दिया गया है। चंद्रभूषण सिंह ने कहा है कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की कुछ छात्राओं ने सीएए के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों को उकसाया था और इस मामले में उनकी भूमिका की जांच होगी।
आपको बता दें कि अलगीढ़ के शाहजहांमाल ईदगाह इदगाह में पिछले महीने से ही बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे सीएए तथा एनआरसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। आपको बता दें कि फरवरी के शुरुआती हफ्ते में ही शाहजहांमल इदगाह के पास प्रदर्शन कर रहे 153 लोगों को पुलिस ने नोटिस जारी किया था और इन सभी ने एक बॉन्ड पर हस्ताक्षर किये थे जिसमें प्रदर्शन के दौरान शांति बनाए रखने की बात कही गई थी।
