इस शख्स पर यूं तो कई संगीन मामले दर्ज हैं। कई दिनों तक वो पुलिस की आंखों में धूल भी झोंकता रहा। पिछले साल इस कुख्यात के पकड़े जाने की खबर काफी चर्चित भी रही। हम बात कर रहे हैं खतरनाक मिर्ची गैंग के किंगपिन कहे जाने वाले आशु जाट की। आशु जाट हापुड़ में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक नेता राकेश शर्मा की हत्या और नोएडा में एग्जीक्यूटिव गौरव चंदेल की हत्या के मामले में वांटेड था।
उसे हापुड़ पुलिस और मुंबई क्राइम ब्रांच की एक संयुक्त टीम ने मुंबई के जोगेश्वरी इलाके से पकड़ा था। आशु जाट पर ढाई लाख रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था। आशु जाट के बारे में आपको बता दें कि यह कुख्यात यूपी पुलिस की मोस्ट वांटेड लिस्ट में टॉप पर था। कहा जाता है कि उसपर हत्या, अपहरण, लूट औऱ चोरी के करीब 40 संगीन मामले दर्ज हैं।
गुड़गांव के एक हेल्थकेयर फर्म में रिजनल मैनेजर के तौर पर काम करने वाले गौरव चंदेल की हत्या पिछले साल जनवरी के महीने में की गई थी। 7 जनवरी को गौर सिटी के पास उनकी हत्या हुई थी। इसके बाद पुलिस ने गाजियाबाद से गौरव चंदेल की एसयूवी कार बरामद की थी।
इस मामले की जांच पड़ताल के दौरान आशु जाट का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने उसकी पत्नी और गैंग के कुछ अन्य सदस्यों को धर दबोचा। गौरव चंदेल हत्याकांड काफी सुर्खियों में रहा। जिसके बाद आशु जाट को अपना एनकाउंटर किये जाने का डर सताने लगा।
पुलिस ने उस वक्त बताया था कि इसी डर की वजह से वो मुंबई भाग गया। आशु जाट ने विले पर्ले में किराये का एक मकान लिया। उसने दाढ़ी बढ़ाकर अपना हूलिया बदला और फिर सड़कों पर फल बेचने लगा। कई दिनों तक वो बहरुपिया बनकर मुंबई की सड़कों पर घूमता रहा।
लेकिन कहते हैं कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों ना हो कानून के लंबे हाथों से वो बच नहीं सकता। मुंबई में रहने के दौरान एक दिन आशु जाट ने उत्तर प्रदेश में बैठे अपने एक सहयोगी को फोन कर दिया और फिर यहीं से उसकी उल्टी गिनती शुरू हो गई।
आशु जाट को गिरफ्तार करने के बाद मुंबई के तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम), अकबर पठान ने बताया था कि यूपी पुलिस ने हमें बताया था कि आशु जाट मुंबई में रह रहा है। यह सूचना मिलने के बाद क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर सुनील माने और सब-इंस्पेक्टर शरद जिने और कुछ अन्य स्टाफ ने अपना हूलिया बदला और वो बन गए वेंडर। तीन दिन तक पुलिसवाले वेंडर का वेश बनाकर मुंबई में घूमते रहे जिसके बाद आशु जाट पकड़ा गया।
इंस्पेक्टर सुनील माने ने उस वक्त बताया था कि ‘आशु जाट ने अपना सेल फोन बंद कर लिया था। मुंबई के इर्ला मार्केट में फल विक्रेता बन वो एक साधारण जीवन बीता रहा था। यूपी पुलिस ने उसकी पुरानी तस्वीरें भेजी थीं पर अब वो बिल्कुल बदल गया था। उसके बाल लंबे थे और दाढ़ी बढ़ी हुई…इसलिए उसे पहचानना काफी मुश्किल था। हमारी टीम ने अपना हूलिया बदला और उसके संपर्क में हम आए। जब हमें यकीन हो गया कि यह वहीं आऱोपी तब हमने कुछ सावधानियां बरतते हुए उसे हिरासत में ले लिया।’
बताया जाता है कि मिर्ची गैंग में 25 से ज्यादा सदस्य हैं। गैंग के कई सदस्य नोएडा, गाजियाबाद और हापुड़ पुलिस की वांटेड लिस्ट में हैं। इनपर कॉन्ट्रैक्ट किलिंग से लेकर कई मामले दर्ज हैं।
