‘मैं नगर निगम आयुक्त सभाजीत यादव को जिंदा दफना दूंगा।’ कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हुआ था। इस वीडियो के बारे में कहा गया था कि मध्य प्रदेश के रीवा से दो बार भारतीय जनता पार्टी के सांसद जर्नादन मिश्रा ने यह बातें IAS सभाजीत यादव के लिए कही थी। करीब 2 साल पहले भाजपा सांसद का यह वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में भाजपा सांसद ने कहा था कि ‘अगर मैं समय पर ना पहुंच सकूं तो ये काम आप सब करना।
सांसद ने कहा कि सब लोग कुदाल और कुल्हाड़ी घर में नुकीली करके रखवा लो, जब निगम आयुक्त पैसे मांगने आए तो गड्ढा खोदकर उसी में डाल देना। इतना ही सांसद जनार्दन मिश्रा ने कहा की दफनाने के बाद मुझे सूचना देना और अगर तुम लोगों को डर लगे तो कब्र पर मेरा नाम दफ्ती में लिखकर छोड़ देना।
इससे देश में नाम होगा कि एक सांसद है जिसने रीवा में आयुक्त को दफनाया है।’ यहां आपको बता दें कि सरपंच से संसद का सफर तय करने वाले सांसद जनार्दन कई बार विवादित बयान दे चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सभाजीत यादव ने उस वक्त कहा था कि वह क्रियावादी हैं, प्रतिक्रियावादी नहीं। उन्होंने कहा कि मिश्रा जनप्रतिनिधि हैं और बयानबाजी के लिए स्वतंत्र हैं।
सभाजीत यादव 2006 बैच के IAS अफसर रहे हैं। रीवा निगम कमिश्नर रहते सभाजीत यादव ने पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ला को 5 करोड़ की वसूली और 5 करोड़ की मानहानि का नोटिस भेजा था। अपनी कार्यशैली की वजह से सभाजीत यादव हमेशा ही सुर्खियों में रहे हैं।
यह वहीं आईएएस अफसर है जिन्होंने एक साथ ही पूरी मेयर इन काउंसिल को भंग करने का प्रस्ताव भेज दिया था। आपको बता दें कि जनार्दन मिश्रा इससे पहले भी विवादित बयान दे चुके हैं। कुछ महीन पहले उन्होंने कहा था कि आरक्षण खत्म हुआ तो लोग हिंदू धर्म छोड़कर मुस्लिम और ईसाई बन जाएंगे।

