Muzaffarpur Shelter Home Case: बिहार के चर्चित शेल्टर होम केस के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने ब्रजेश ठाकुर को आश्रय गृह में रहने वाली कई लड़कियों के साथ दुष्कर्म का दोषी पाया था। इस मामले में कुल 20 लोग आरोपी बनाए गए थे। 20 जनवरी को 19 लोगों के दोषी करार दिए जाने के बाद अदालत ने इनपर अपने फैसले को सुरक्षित रखा था। जिसके बाद आज अदालत ने ब्रजेश ठाकुर को इस मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में अदालत ने एक आरोपी मोहम्मद साहित उर्फ विक्ती को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।

आश्रय गृह में लड़कियों से यौनाचार: ब्रजेश ठाकुर पर आरोप है कि मुजफ्फरपुर में जिस आश्रय गृह का वो संचालन करता था उसमें रहने वाली कई लड़कियों का इसी आश्रय गृह में शारीरिक शोषण किया गया। मामले के उजागर होने के बाद बालिका गृह में रहने वाली 30 से ज्यादा छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई थी। कई पीड़िताओं ने अपने बयान में कहा था कि उनके साथ मारपीट की जाती थी और नशीली दवाएं देकर उनका यौन शोषण भी किया जाता था।

ऐसा उजागर हुआ मामला: यह मामला टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज की ओर से 26 मई, 2018 को बिहार सरकार को सौंपी गई एक रिपोर्ट के बाद सामने आया था। इस रिपोर्ट में किसी आश्रय गृह में पहली बार नाबालिग लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न का खुलासा हुआ था।

सीबीआइ की चार्जशीट के मुताबिक मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड कर्मचारी भी शामिल थे। वे भी मासूम बच्चियों को दरिंदगी का शिकार बना रहे थे। रिपेार्ट में हुए खुलासे के बाद 31 मई 2018 को मुजफ्फरपुर महिला थाने में केस दर्ज किया गया था।

चुनाव लड़ चुका है ब्रजेश: ब्रजेश ठाकुर ने साल 2000 में मुजफ्फरपुर के कुढ़नी विधानसभा क्षेत्र से बिहार पीपुल्स पार्टी (बीपीपा) के टिकट पर चुनाव लड़ा था और हार गया था। जिस शेल्टर होम कांड में अब उसे उम्रकैद की सजा हुई है उसके आरोपियों में 12 पुरुष और आठ महिलाएं शामिल थीं। यह बालिका आश्रय गृह ब्रजेश ठाकुर की संस्था सेवा संकल्प एवं विकास समिति द्वारा संचालित थी।

बता दें कि मंगलवार को जब इस मामले में ब्रजेश ठाकुर को सजा सुनाई गई तो वो अदालत में ही रोने लगा।