Al-Qaeda Deputy Qassim Al-Rimi Killed: अमेरिका ने अपने ‘आतंक’ नाशक कार्रवाई में खूंखार कासिम अल-रिमी को मौत की नींद सुला दिया है। यह वहीं भयानक आतंकी है जिसने कभी सबसे शक्तिशाली राष्ट्रपति के लिए ‘तमाचा’ जैसे शब्द का इस्तेमाल किया था। आतंकी संगठन का डिप्टी चीफ बनने के बाद से कासिल अल-रिमी के हौसले इतने बुलंद हो गए थे कि वो अमेरिकी सैनिकों पर भी हमला करने से नहीं कतराता था। लेकिन आखिरकार डोनल्ड ट्रंप ने उसे ‘जहन्नुम’ पहुंचा दिया।
कौन था कासिम अल-रिमी:? साल 1990 के दशक में कासिम अल-रिमी अलकायदा के चीफ ओसामा बिन लादेन के साथ जुड़ा था। अफगानिस्तान में अलकायदा ज्वायन करने के बाद से ही वो कई आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा। रिमी की अगुवाई में अलकायदा ने यमन में कई हिंसक वारदातों को अंजाम दिया और अमेरिकी सेनाओं पर हमले करवाए। कासिम अल-रिमी साल 2015 से आतंकी संगठन अरब पेनिसुला का नेतृत्व कर रहा था और अलकायदा नेता अयमान अल-जवाहिरी का डिप्टी बन गया था। अमेरिकी ने इस दुर्दांत आतंकी पर 71 करोड़ रुपए का ऐलान कर रखा था।
ट्रंप को ‘तमाचे’ की बात कही थी: कासिम अल-रेमी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के निशाने पर लंबे अरसे से था। जनवरी 2017 में यमन में अलकायदा के परिसर पर अमेरिकी सेना ने छापेमारी की थी। इस दौरान अमेरिकी के कुछ सैनिकों की भी मौत हो गई थी, लेकिन अल-रेमी इस हमले में किसी तरह बच निकला था। बाद में उसने 11 मिनट का एक वीडियो जारी करते हुए ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा था कि उन्हें जबरदस्त ‘तमाचा’ लगा है। ‘तमाचे’ की बात कहने वाले को अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने हमेशा के लिए मौत के आगोश में भिजवा दिया है।
अमेरिकी नेवी स्टेशन पर किया था हमला: अल-रिमी के आतंकियों ने यूएस ने 6 दिसंबर को फ्लोरिडा स्थित अमेरिकी नेवी के एयर स्टेशन पर हमला करवाया था। कासिम अल-रेमी ने इस हमले के बाद 18 मिनट का एक वीडियो जारी किया था और इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। इस गोलीबारी में हमलावर समेत 4 लोग मारे गए थे। इसके अलावा सुरक्षाबलों से जुड़े 8 अधिकारी भी जख्मी हो गए थे।
इससे पहले ईराक की राजधानी बागदाद पर एयर स्ट्राइक कर अमेरिका ने ईरान के टॉप कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी को मार गिराया था। अमेरिका ने इससे पहले खूंखार आतंकी सरगना अबु बकर अल-बगदादी को भी मार गिराया था।

