इस चिकित्सक पर 20 छात्राओं और कई महिला स्टाफ ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। लेकिन अब उसे मेडिकल कॉलेज का कार्यकारी डीन बना दिया गया है। छात्राओं के यौन उत्पीड़न के मामले में इस डॉक्टर की गिऱफ्तारी भी हो चुकी थी। यह मामला महाराष्ट्र के कल्वा का है। ‘Mumbai Mirror’ की रिपोर्ट के मुताबिक वरिष्ठ प्रोफेसर डॉक्टर शैलेश्वर नटराजन को Rajiv Gandhi Medical College, Kalwa का कार्यकारी डीन बनाया गया है। यह कॉलेज Chhatrapati Shivaji Maharaj Hospital से जुड़ा हुआ है।
छात्राओं के उत्पीड़न के आरोपी डॉक्टर को डीन बनाए जाने से यहां छात्र और कर्मचारी अचंभित हैं। गंभीर बात यह भी है कि कई पीड़िताएं अभी भी इस कॉलेज में काम कर रही हैं। डॉ. नटराजन की नियुक्ति के खिलाफ बीते 26 जनवरी को कई महिला कर्मचारियों ने अपना विरोध प्रदर्शन भी किया था और यहां फ्लैग-होस्टिंग सेरेमनी का बहिष्कार किया था।
साल 2014 में डॉक्टर नटराजन के खिलाफ सबसे पहले एमबीबीएस की छात्राओं ने यौन उत्पीड़न की शिकायत की थी। इस संबंध में इन छात्राओं ने उस वक्त कॉलेज के डीन और थाणे पुलिस कमिश्नर को ई-मेल भी भेजा था। 20 छात्राओं औऱ 10 कर्मचारियों ने एंटी-सेक्शुअल हरासमेंट कमेटी के सामने अपनी शिकायत दर्ज कराई थी।
छात्रों और कर्मचारियों द्वारा यौन शोषण का आरोप लगाए जाने के बाद साल 2014 में डॉक्टर नटराजन को सस्पेंड कर दिया गया था। इसके बाद उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354 के तहत कल्वा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था।
हालांकि डॉक्टर नटराजन का डिमोशन कर साल 2016 में उन्हें फिर से बहाल कर लिया गया है। लेकिन इसी साल कॉलेज के डीन डॉक्टर संध्या खड्से के सेवानिवृत होने के बाद डॉक्टर नटराजन को कार्यकारी डीन बनाया गया है।
डॉक्टर नटराजन की गिरफ्तारी के एक महीने बाद उन्हें जमानत मिल गई थी। थाणे म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन ने साल 2016 में इस मामले में एक जांच भी की थी जिसमें उन्हें दोषी नहीं पाया गया था।
