यूनिक आइडेंटिफिकेशन ऑफ इंडिया यानी यूआईडीएआई 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए नीले रंग का आधार कार्ड जारी करता है। कोई भी माता-पिता अपने बच्चे के लिए 12 डिजिट का आधार नंबर ले सकते है। इसके लिए बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट और माता या पिता में से किसी एक का आधार नंबर जरूरी है।

अब बच्चों का आधार बनवाने की प्रक्रिया आसान हो गई है। यूआईडीएआई ने बच्चों का आधार बनवाने के लिए बर्थ सर्टिफिकेट की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। यूआईडीएआई ने कहा है कि अब केवल अस्पताल की डिस्चार्ज स्लिप से ही बच्चों का आधार बनवाया जा सकता है। हालांकि, माता या पिता में से किसी एक का आधार होना जरूरी है। यूआई़डीएआई ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से यह जानकारी दी है।

5 साल के बाद लिया जाता है बायोमैट्रिक: यूआईडीएआई का कहना है कि बच्चों के आधार के लिए फ्रिंगरप्रिट या आखों की पुतली को स्कैन नहीं किया जाता है। केवल बच्चे की फोटो ली जाती है। जब बच्चा 5 साल की उम्र पूरी कर लेता है, तब उसकी बायोमीट्रिक पहचान ली जाती हैं। 5 साल की उम्र के बाद बच्चे के आधार में बायोमीट्रिक अपडेट कराना जरूरी है।

ऑनलाइन-ऑफलाइन दोनों तरीकों से बनवा सकते हैं आधार: माता-पिता अपने बच्चे के आधार के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से आधार बनवा सकते हैं। ऑफलाइन के लिए माता-पिता को नजदीकी एनरॉलमेंट सेंटर पर जाकर फॉर्म भरकर देना होगा। इसके साथ अस्पताल की डिस्चार्ज स्लिप और माता या पिता के आधार की जानकारी देनी होगी।

ऑनलाइन ऐसे करें रजिस्ट्रेशन: बच्चे का आधार ऑनलाइन बनवाने के लिए सबसे पहले वेबसाइट uidai.gov.in पर जाएं। यहां Aadhaaar Card Registration लिंक पर क्लिक करें। यहां पर बच्चे का नाम, माता या पिता का फोन नंबर, ईमेल आईडी और अन्य जानकारी भरें। इसके बाद अपना पता भरें। इसके बाद Fix Appointment विकल्प पर क्लिक करें। यहां अपनी सुविधा के अनुसार तारीख और नजदीकी आधार एनरॉलमेंट सेंटर चुनें। ऑनलाइन फॉर्म को सबमिट करने से पहले बच्चे का नाम, जन्म की तारीख और अन्य जानकारियों की अच्छे तरीके से जांच कर लें। हालांकि, कोई गड़बड़ी होने पर बाद में सुधार या अपडेट भी किया जा सकता है।