आईडीबीआई बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक एम. के. जैन को सोमवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का नया डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया गया। उनका कार्यकाल तीन सालों का होगा। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। यह नियुक्ति वित्तीय क्षेत्र नियामक नियुक्ति खोज समिति द्वारा की गई है, जिसमें आरबीआई के गवर्नर, वित्तीय सेवाओं के सचिव के अलावा अन्य स्वतंत्र सदस्य शामिल हैं।
केंद्रीय बैंक के डिप्टी गर्वनरों में से एक पद 31 जुलाई, 2017 के एस. एस. मुंद्रा के सेवानिवृत्त हो जाने के बाद खाली था। जैन सरकारी आईडीबीआई बैंक में साल 2017 के जुलाई से अपने वर्तमान पद पर थे। इससे पहले वे इंडियन बैंक के मुख्य कार्यकारी का पद संभाल रहे थे। वह जोखिम प्रबंधन पर भारतीय बैंक एसोसिएशन कमेटी के सदस्य भी रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने इस साल जनवरी में भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर के पद के लिए विज्ञापन दिया था और प्रतिक्रिया में 40 आवेदन प्राप्त हुए थे।
जैन ने एक्जिम बैंक और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बैंक मैनेजमेंट के बोर्डों पर भी अपनी सेवा दी है। वह बैंक क्षेत्र की कई समितियों का भी हिस्सा रहे हैं। डिप्टी गवर्नर की पोस्ट के लिए वित्त मंत्रालय को 37 सेवन आवेदन प्राप्त हुए थे। बता दें कि आरबीआई एक्ट के अनुसार सेंट्रल बैंक में 4 डिप्टी गवर्नर होने होते हैं, जिसमें से एक वाणिज्यिक बैंकर और एक अर्थशास्त्री होता है।

