हमारी मेहनत की गाढ़ी कमाई हम बैंकों में सुरक्षित रखते हैं। जरूरत पड़ने पर हम समय-समय पर बैंक से पैसा निकालते हैं। बैंक भी हमें हमारी जमा रकम को सुरक्षित रखने के पूरी गारंटी देते हैं। लेकिन अगर बैंक की हालत खस्ता हो जाए या फिर वह फेल हो जाए तो हमारी जमा राशि का क्या होगा? क्या बैंक हमारा पैसा लौटाएगा या हमें पूरा पैसा मिलेगा। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने इस सिलसिले में एक नई घोषणा की है।

आरबीआई के मुताबिक बैंक खाताधारकों की 5 लाख रुपए तक की रकम का बीमा किया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसका बजट भाषणा में भी एलान किया था। आरबीआई ने कहा है कि नया नियम 4 फरवरी से प्रभावी होगा। यानि कि बैंक डूबने की स्थिति में खाताधारक को 5 लाख रुपये की जमा राशि पर गारंटी मिलेगी। बैंक फेल होने पर इससे पहले सिर्फ एक लाख रुपये तक की जमा राशि पर गारंटी मिलती थी।

नई व्यवस्था के अंतर्गत सभी तरह के बैंक आते हैं जिनसे बचत, फिक्स्ड और रिकरिंग डिपॉजिट पर ग्राहकों को गारंटी मिलेगी। इसके साथ ही ग्राहकों को उनकी जमा राशि पर मूलधन और ब्याज राशि भी मुहैया करवाई जाएगी। रिजर्व बैंक के पूर्ण स्‍वामित्‍व वाली सहायक कंपनी जमा बीमा और क्रेडिट गारंटी निगम इस स्कीम का संचालन करेगी।

जमा बीमा और क्रेडिट गारंटी निगम इस स्कीम के लिए ग्राहकों से कोई प्रीमियम नहीं लेता लेकिन बैंकों को बीमा कवर के लिए प्रीमियम देना होता है। आरबीआई ने कहा है कि यह स्कीम तभी लागू होगी जब बैंक बंद हो जाए। अगर किसी ग्राहक के अलग-अलग बैंकों में पैसे जमा हैं तो ऐसी स्थिति में भी उसे पांच लाख से ज्यादा का कवर नहीं दिया जाएगा।