तिहाड़ जेल परिसर के करीब 1200 कैदी प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) के तहत बीपीओ, खुदरा सेल्स और कंप्यूटर हार्डवेयर जैसे रोजगार उन्मुख कौशल सीखेंगे। यह योजना मंगलवार को इस विशाल जेल में शुरू की गई है।
अतिरिक्त आइजी (जेल) मुकेश प्रसाद ने कहा कि परियोजना के पहले चरण में 1200 कैदियों को विभिन्न क्षेत्रों जैसे बीपीओ, खुदरा सेल, कंप्यूटर हार्डवेयर, खानसामा और सौंदर्य देखरेख सहित अन्य क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिए जाएंगे। इसके के लिए कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने दो प्रशिक्षण साझेदारों की पहचान की है।
तिहाड़ के महानिदेशक आलोक कुमार वर्मा और कौशल विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव पवन कुमार अग्रवाल की मौजूदगी में तिहाड़ की जेल नवंबर चार में यह परियोजना शुरू की गई है।
अग्रवाल ने कहा कि ट्रेनी कैदियों का कौशल कार्यक्रम पूरा होने पर उन्हें एक प्रमाण पत्र दिया जाएगा, जिससे उन्हें रिहा होने के बाद उपयुक्त नौकरी तलाशने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित कैदी ‘प्रधानमंत्री मुद्रा बैंक योजना’ के तहत कर्ज भी ले सकते हैं। इस तरह उन्हें खुद का कारोबार स्थापित करने में मदद मिलेगी।
