केंद्र सरकार द्वारा देश में मौजूद कालेधन को निष्क्रिय करने के मकसद से 500 और 1000 के नोटों को बंद करने के फैसले के बाद पूरे देश में मिली जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। हालांकि अधिकतर लोग कालेधन पर लगाम लगाने के लिए सरकार के इस फैसले की सराहना कर रहे हैं और इसके कारण पैदा हुई दिक्कत सहने के लिए हंसी खुशी से तैयार हैं वहीं, कुछ लोग उेसे भी हैं जो सरकार के इस फैसले के बाद खड़ी हुई आर्थिक परेशानी के कारण प्रधानमंत्री से नाखुश हैं। इस बीच सरकार के इस फैसले के बाद लोगों के सामने खड़ी हुई परेशानी को समझते हुए वित्तमंत्री अरुण जेटली ने प्रेस कॉन्फ्रेस कर देश की जनता से संयम बरतने और इस काम में सरकार की मदद करने की अपील की। हम आपको डिमोनेटाइजेशन से जुड़े पांच ऐसी अफवाहों के बारे में बता रहे हैं जिनपर आपको ध्यान नहीं देना चाहिए…

आरबीआई द्वारा जारी किए गए 2000 रुपये के नए नोट में इलेक्ट्रॉनिक चिप लगे होने की बात महज अफवाह है। इस पर वित्तमंत्री अरुण जेटली ने खुद स्पष्टिकरण दिया है।

केंद्र सरकार की तरफ से कहा गया है कि देश में खाने पीने की वस्तुओं की कोई कमी नहीं है और नमक तथा चीनी के दाम को लेकर हाल में की गई बातें सिर्फ अफवाह हैं।

विततमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ने यह कदम गरीबों और देश की जनता के हित में उठाया है उनके विरोध में नहीं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा संचालित रोजगार योजनाओं और नौकरियों में काम करने वाले कर्मियों का पैसा उनके बैंक अकाउंट में भेज दिया जाएगा।

बैंकों के पास कैश को लेकर कोई समस्या नहीं है। भीड़ की वजह से लोगों का जरूर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन आने वाले कुछ दिनों में इस समस्या से निजात मिल जाएगा।

यह भी अफवाह उड़ी है कि कई जगह एटीएम पर लाइन में खड़े लोगों के बीच भगदड़ हो गई और इसमें कई लोग घायल भी हुए हैं। ऐसी किसी भी खबर की पुष्टि नहीं हुई है और यह सिर्फ अफवाह है। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने लोगों से धैर्य रखने और इन अफवाहों पर ध्यान न देने की बात कही है।

वीडियो: पैसे निकालने के लिए रात में एटीएम के पास सो रहे हैं लोग

वीडियो: वित्तमंत्री अरुण जेटली ने लोगों से की सहयोग करने की अपील