सियाचिन, दुनिया का सबसे ऊंचा युद्ध क्षेत्र है, जहां आमतौर पर तापमान माइनस 50 डिग्री सेल्सियस के आसपास होता है। भारतीय सेना के जवान सियाचिन में काफी मुश्किल परिस्थितियों में भी सीमाओं की रक्षा के लिए तैनात रहते हैं। लेकिन ऐसे मुश्किल हालात में सेना के जवानों के लिए रुटीन के काम भी करने काफी मुश्किल होते हैं। इन्हीं कामों में से एक है नहाना। जिसकी वजह से जवानों के लिए खुद की साफ-सफाई रखना काफी मुश्किल काम है। हालांकि अब सेना के जवानों की यह समस्या दूर हो सकती है।
दरअसल Clensta नामक स्टार्टअप ने पर्सनल हाइजीन के लिए वॉटरलैस प्रोडक्ट बाजार में उतारे हैं। यह स्टार्टअप जेल-बेस्ड प्रोडक्ट बनाती है, जिनसे बिना पानी के नहाया और बालों में शैंपू किया जा सकता है। स्टार्टअप शुरु करने वाले पुनीत गुप्ता ने ET से बातचीत में बताया कि “मैंने देखा कि सेना के जवानों के लिए खुद की साफ-सफाई रखना काफी चुनौतीपूर्ण होता है। सियाचिन, कारगिल, द्रास जैसी जगहों पर जवानों को काफी मुश्किल हालात का सामना करना पड़ता है। इसलिए हमने वॉटरलैस टेक्नॉलोजी प्रोडक्ट को विकसित करने का फैसला किया, जिसके तहत ही Clensta की शुरुआत हुई।”
खास बात ये है कि ये प्रोडक्ट ना सिर्फ सेना के जवानों के लिए, बल्कि अस्पताल में भर्ती लोगों, बुजुर्गों और एडवेंचर पसंद करने वाले लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित होंगे। पुनीत गुप्ता के अनुसार, आजकल पानी की समस्या काफी बढ़ गई है और पानी का जलस्तर भी दिनों-दिन नीचे जा रहा है। ऐसे देशे में जो सूखाग्रस्त है और आमतौर पर प्राकृतिक आपदाओं का सामना करता रहता है, वहां Clensta जैसे आइडिया की बहुत जरुरत थी।
स्टार्टअप के प्रोडक्ट पानी की एक बूंद इस्तेमाल किया बिना ही पर्सनल हाइजीन के लिए काफी कारगर हैं। ये प्रोडक्ट बिना पानी के ही 99% कीटाणुओं का सफाया करने में सक्षम हैं। गुप्ता ने बताया कि ये प्रोडक्ट मेक इन इंडिया और स्वच्छ भारत अभियान के तहत बनाए जा रहे हैं और एफडीए के डर्मेटोलॉजिकल से अप्रूव हैं।
