सुप्रीम कोर्ट ने आधे-अधूरे प्रोजेक्ट और अादेश न मानने पर सख्त कदम उठाते हुए आम्रपाली रियल इस्टेट ग्रुप के तीन डायरेक्टर अनिल कुमार शर्मा, शिवप्रिय और अजय कुमार को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया है। कहा गया है कि जब तक ये लोग सभी डॉक्यूमेंट जमा नहीं करवाते, इन्हें पुलिस हिरासत में ही रखा जाए। इन लोगों से फॉरेंसिक ऑडिट के लिए अपने अकाउंट से संबंधित दस्तावेज जमा मांगे गए थे, जिसे जमा नहीं करने पर कोर्ट ने यह आदेश दिया। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली ग्रुप को कड़ी फटकार लगाते हुए कोर्ट के साथ लुका-छिपी नहीं खेलने की हिदायत दी। कोर्ट ने रियल इस्टेट कंपनी के वकील से पूछा कि अभी तक फॉरेंसिक आॅडिट के लिए डॉक्यूमेंट क्यों नहीं जमा करवाया गया है।
SC sends three Amrapali real estate Group Directors- Anil Kumar Sharma, Shov Priya and Ajay Kumar – in police custody for not handing over all the documents with respect to its account related to forensics audits. https://t.co/iHPviiyxsk
— ANI (@ANI) October 9, 2018
इससे पहले कोर्ट ने आम्रपाली और उसकी 40 सिस्टर कंपनियों तथा उनके प्रबंध निदेशकों की संपत्तियां व बैंक खाते फ्रीज करने के आदेश दिए थे। कोर्ट ने निवेशकों के साथ धोखाधड़ी के मामले में शिकंजा कसते हुए कंपनी के ऑडिटर से पूछा था कि वे यह बताएं कि खरीददारों के 2500 करोड़ कहां गए? कोर्ट ने इस बात भी हैरानी जताई थी कि वर्ष 2015 के बाद से अभी तक कंपनी का ऑडिट क्यों नहीं हुआ? इसके बाद कोर्ट ने कंपनी से फाॅरेंसिक ऑडिट से सभी जरूरी दस्तावेज मांगे थे। चेतावनी दी थी कि यदि किसी जानकारी में कमी पाई गई तो कोर्ट की अवमानना का मुकदमा मानते हुए कार्रवाई की जाएगी। लेकिन इसके बावजूद कंपनी द्वारा दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवाए गए। ऐसी स्थिति में सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रूख अख्तियार करते हुए कंपनी के तीन डायरेक्टर को पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
बता दें कि आम्रपाली ग्रुप के डायरेक्टर अनिल शर्मा ने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में बिहार के जहानाबाद सीट से जदयू उम्मीदवार के तौर पर चुनाव भी लड़ा था। लेकिन हार गए थे। इसके बाद दो बार राज्यसभा में पहुंचने की भी कोशिश की थी, लेकिन यहां भी कामयाबी नहीं मिली थी।

