सफल होने के लिए इंसान खूब मेहनत करता है और कई लोगों की सफलता की कहानी आम लोगों को काफी प्रेरित करती है। ऐसे ही सख्स हैं विजय संकेश्वर, जिनकी सफलता की कहानी से लोगों को प्रेरणा मिलती है। विजय संकेश्वर कमर्शियल वाहन बनाने वाली कंपनी वीआरएल लॉजिस्टिक्स के चेयरमैन हैं। 1970 के दशक में विजय ने व्यापार की दुनिया में कदम रखा था और केवल एक ट्रक के साथ खुद की लॉजिस्टिक फर्म शुरू की थी। लेकिन आज वो सबसे ज्यादा कमर्शियल वाहन बनाने वाली कंपनी के चेयरमैन हैं। विजय संकेश्वर ट्रकिंग किंग (Trucking king Vijay Sankeshwar) के नाम से मशहूर हैं।
माता-पिता के निर्णय के खिलाफ लिया फैसला
विजय संकेश्वर एक प्रिंटिंग प्रेस चलाने वाले परिवार से ताल्लुक रखते थे, लेकिन उन्होंने खुद का एक अलग व्यवसाय शुरू किया, जिसके लिए वह अपने माता-पिता की इच्छा के खिलाफ गए। उन्होंने 1976 में उधार के पैसे से खरीदे गए एक ट्रक के साथ अपने व्यापार की शुरुआत की। शुरुआती दशक में उन्होंने एक ऐसे क्षेत्र में व्यापार स्थापित करने के लिए संघर्ष किया, जो पूरी तरह से असंगठित था।
शुरू के कुछ सालों तक विजय को पैसों की कमी का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्होंने अपनी फर्म विजयानंद रोडलाइन्स के साथ इस क्षेत्र में सफल होने के अपने दृढ़ संकल्प को बनाए रखा। कंपनी ने पहली बार 1994 में अपने आकार को बदला और उन्होंने इसका नाम VRL रखा। हालांकि तबतक इनके ट्रक के बेड़े में कुल 150 ट्रक हो चुके थे। वहीं आज के समय में विजय संकेश्वर के बेड़े में 4300 से अधिक ट्रक शामिल है।
कई क्षेत्रों में विजय संकेश्वर करते हैं व्यापार
1996 में उन्होंने बसों के साथ विजयानंद ट्रेवल्स के साथ कमर्शियल परिवहन से यात्री सेवाओं तक विस्तार किया। वह वीआरएल लॉजिस्टिक्स लिमिटेड (VRL Logistics Limited) में व्यावसायिक हितों के अनुसार बदलाव लाते रहे।
बाद में विजय संकेश्वर ने अपने व्यापार में अपने बेटे आनंद संकेश्वर को भी शामिल किया। आज के समय में वह एनर्जी प्रोजेक्ट्स, मीडिया के साथ-साथ एक एयर चार्टर सेवा का भी बिजनेस कर रहे हैं। वीआरएल लॉजिस्टिक्स एक लिस्टेड कंपनी है, जिसका मार्केट कैप 6,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है। 2022 की कन्नड़ फिल्म विजयानंद विजय संकेश्वर के जीवन पर आधारित बायोपिक है।
