रिजर्व बैंक आर्थिक वृद्धि के नीचे जाने के जोखिम की आशंका के मद्देनजर अगले सप्ताह अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में 0.25 प्रतिशत की कटौती कर सकता है। सिटीग्रुप ने एक रिपोर्ट यह बात कही। वैश्विक वित्तीय सेवा कंपनी के अनुसार चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर सात प्रतिशत के नीचे जाने का जोखिम है। इसका कारण दूसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर का उम्मीद से कम रहना, नोटबंदी का विपरीत प्रभाव तथा निवेश में कमी है। सिटीग्रुप ने एक शोध रिपोर्ट में कहा, ‘जीडीपी में कमी तथा विशेष रूप से लगातार तीन तिमाही में निवेश में सतत गिरावट से दिसंबर में मौद्रिक नीति समीक्षा में 0.25 प्रतिशत की कटौती की उम्मीद है।’ रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति ने अक्तूबर में रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती कर 6.25 प्रतिशत कर दिया था। रिजर्व बैंक की अगली मौद्रिक नीति समीक्षा सात दिसंबर को होगी।
रिजर्व बैंक नीतिगत दर में कर सकता है 0.25% कटौती
रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति ने अक्तूबर में रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती कर 6.25 प्रतिशत कर दिया था।
Written by भाषा
नई दिल्ली

Jansatta.com पर पढ़े ताज़ा व्यापार समाचार (Business News), लेटेस्ट हिंदी समाचार (Hindi News), बॉलीवुड, खेल, क्रिकेट, राजनीति, धर्म और शिक्षा से जुड़ी हर ख़बर। समय पर अपडेट और हिंदी ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए जनसत्ता की हिंदी समाचार ऐप डाउनलोड करके अपने समाचार अनुभव को बेहतर बनाएं ।
First published on: 02-12-2016 at 19:51 IST