भारतीय रिजर्व बैंक ने सोमवार को भारत बिल पेमेंट सिस्टम (बीबीपीएस) का दायरा बढ़ाने की घोषणा की। अब इस प्रणाली के तहत बार-बार चुकाये जाने वाले सभी बिलों का भुगतान किया जा सकेगा। इनमें स्कूल फीस, बीमा प्रीमियम और निगम कर भी शामिल हैं। अभी तक बीबीपीएस के जरिये सिर्फ पांच श्रेणियों डायरेक्ट टु होम (डीटीएच), बिजली, गैस, दूरसंचार और पानी के बिलों के भुगतान की अनुमति थी। रिजर्व बैंक ने एक सर्कुलर में कहा कि बीबीपीएस का दायरा बढ़ाते हुए इसमें सभी श्रेणियों के बिलों के भुगतान (प्रीपेड रिचार्ज को छोड़कर) को शामिल किया गया है। बीबीपीएस नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन आफ इंडिया (एनपीसीआई) के तहत काम करता है।
बीबीपीएस की वेबसाइट के अनुसार इस सुविधा का विस्तार कर इसमें बार बार चुकाये जाने वाले अन्य बिलों मसलन बीमा प्रीमियम, म्यूचुअल फंड, स्कूल फीस, ईएमआई और निगम करों को शामिल किया गया है। टैक्समैन के उप- महाप्रबंधक रचित शर्मा ने कहा कि रिजर्व बैंक के इस फैसले से भारत बिल पे के प्रयोगकर्ताओं की संख्या बढ़ेगी और इससे उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
हालांकि बीबीपीएस के भुगतान में अभी तक प्रीपेड रिचार्ज को शामिल नहीं किया गया है। पिछले दिनों रिजर्व बैंक की समीक्षा बैठक के बाद जारी नीतिगत विज्ञप्ति में कहा गया था, ‘बीबीपीएस की संभावनाओं का पूरा लाभ उठाने के लिए बिल काटने वाली सभी ऐसी सभी इकाइयों को स्वैच्छा के आधार पर इस प्लेटफार्म से जुड़ने की छूट देने का निर्णय किया गया है जो अपने या आवर्ती बिल भुगतान का प्रवाधान किए हुए हैं। ’ केंद्रीय बैंक ने कहा है कि इसके लिए विस्तृत दिशानिर्देश सितंबर में जारी कर दिए जाएंगे।
