नोएडा में जमीन की कीमत करीब 15 फीसद ज्यादा हो गई है। नोएडा प्राधिकरण की गुरुवार को हुई 189वीं बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। केवल व्यावसायिक उपयोग वाली जमीन को छोड़कर अन्य सभी तरह की जमीन की कीमतें बढ़ गई हैं। वहीं नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो का संचालन करने वाली कंपनी नोएडा मेट्रो रेल कारपोरेशन (एनएमआरसी) को वित्तीय मजबूती देने के लिए कई अहम फैसले किए गए। साथ ही स्थानीय ग्रामीण निवासियों के विरोध को दरकिनार करते हुए प्राधिकरण बोर्ड ने ग्रामीण आबादी भवन नियमावली के ड्राफ्ट को मंजूरी दी। इस ड्राफ्ट को अनुमोदन के लिए शासन को भेजा जाएगा।
प्राधिकरण ने आवासीय भूखंड, ग्रुप हाउसिंग, आवासीय भवन (निर्मित फ्लैट), संस्थागत, कार्यालय उपयोग, औद्योगिक क्षेत्र आदि सभी तरह के भू उपयोग वाली परिसपंत्तियों की मौजूदा दरों पर 14.19 फीसद की वृद्धि की है। अधिकारियों ने आंतरिक एवं बाह्य विकास कार्यों की मूल लागत व ढांचागत खर्च बढ़ना इसकी वजह बताया है। ड्रा, निविदा और नीलामी के आधार पर होने वाले आबंटनों पर वृद्धि प्रभावी रहेगी। इसके दायरे में आइटी पार्क, कॉलेज, शिक्षण संस्थान,प्राइमरी, माध्यमिक, सीनियर सेकेंड्री स्कूल, नर्सरी क्रेच, नर्सिंग होम, अस्पताल, धार्मिक संस्थान, डिस्पेंसरी, टेलीकॉम सेंटर, पोस्ट आॅफिस, सुपर बाजार, दूध, सब्जी-फल वितरण केंद्र, अनाथालय, विधवा व विकलांग आश्रम, कृषि भूमि पर फार्म हाउस आदि शामिल हैं। हालांकि वाणिज्यक भू उपयोग वाली जमीन की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। सेक्टर-18 में 100 वर्ग मीटर के वाणिज्यिक भूखंड की कीमत मौजूदा के बराबर 4.45 लाख रुपए प्रति वर्ग मीटर रखी गई है। इसी तरह 10001 वर्ग मीटर से बड़े भूखंड की दर पहले के बराबर 1.86 लाख रुपए रखी गई है। वेयर हाउसिंग और बांस बल्ली मार्केट के लिए आबंटन सेक्टर की व्यावसायिक दर का 50 फीसद आरक्षित दर पर किया जाएगा।
नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने ग्रामीण आबादी भवन विनियमावली के ड्राफ्ट को मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके तहत ग्रामीण आबादी के भवन मानचित्र स्वीकृत कराने संबंधी मानकों के निर्धारण में सेटबेक, ग्राउंड कवरेज, भवन की ऊंचाई, पार्किंग की व्यवस्था करनी होगी। इस नियमावली का नोएडा के किसान विरोध कर रहे हैं। इस कारण प्राधिकरण ने भविष्य में किए जाने वाले नए निर्माणों पर ही इसके लागू होने का दावा किया है। साथ ही नियमावली को बाध्यकारी के बजाए स्वेच्छा के आधार पर लागू करने की बात कही है। बताया गया है कि इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के मद्देनजर प्राधिकरण ने ग्रामीण आबादी भवन विनियमावली के ड्राफ्ट को तैयार कराया था। बोर्ड की मंजूरी के बाद इसे अनुमोदन के लिए शासन को भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद यह लागू होगी।
NCR की वित्तीय मजबूती
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में निर्माणाधीन मेट्रो परियोजनाएं जल्द पूरा करने के लिए व एनएमआरसी को वित्तीय मजबूती देने के लिए बोर्ड बैठक में कई अहम फैसले हुए। नोएडा से ग्रेटर नोएडा जाने वाली मेट्रो कॉरिडोर की सभी संपत्तियों (जमीन छोड़कर) पर एनएमआरसी का मालिकाना हक रहेगा। मुसाफिरों के अलावा मेट्रो स्टेशन, खंभों समेत वाणिज्यिक विकास और विज्ञापनों से होने वाली आय एनएमआरसी को मिलेगी। मेट्रो स्टेशनों पर पार्किंग की जमीन पर मालिकाना हक नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का रहेगा।
एक्सप्रेस-वे की टोल दरें बढ़ीं
ग्रेटर नोएडा, 9 जून (भाषा)। यमुना एक्सप्रेस-वे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी बोर्र्ड ने 2016-17 के लिए यमुना एक्सप्रेस के टोल दरों में करीब 13 फीसद बढ़ोतरी कर दी। दोपहिया वाहन, तिपहिया और पंजीकृत ट्रैक्टरों के प्रति किमी टोल दर 1.10 से बढ़ाकर 1.25 रुपए कर दी। कार, जीप, वैन और अन्य हल्के मोटर वाहनों की दर 2.20 से बढ़ाकर 2.50 रुपए कर दी गई, जबकि हल्के व्यावसायिक वाहनों, हल्के सामान ले जाने वाले वाहनों, और मिनी बसों की टोल दर 3.45 रुपए से बढ़ाकर 3.85 रुपए कर दी गई।
