इकोनॉमी के मोर्चे पर दो बुरी खबर है। ताजा आंकड़े बता रहे हैं कि भारत का औद्योगिक उत्पादन कम हुआ है तो वहीं खुदरा महंगाई में भी गिरावट आई है।
औद्योगिक उत्पादन में गिरावट: भारत के औद्योगिक उत्पादन में जनवरी में 1.6 प्रतिशत की गिरावट आयी है। शुक्रवार को जारी औद्योगिक उत्पादन सूचकांक आंकड़े के अनुसार विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन जनवरी 2021 में 2 प्रतिशत घटा है। वहीं खनन उत्पादन आलोच्य महीने में 3.7 प्रतिशत कम हुआ है। जबकि बिजली उत्पादन में 5.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आईआईपी में जनवरी 2020 में 2.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।
खुदरा महंगाई में इजाफा: फरवरी माह में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 5.03 प्रतिशत पर पहुंच गई। खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ने से मुद्रास्फीति बढ़ी है। सरकारी आंकड़ों में शुक्रवार को इसकी जानकारी मिली है। एक माह पहले जनवरी में उपभोक्ता मूलय सूचकांक (सीपीआई) आधारित महंगाई 4.06 प्रतिशत पर थी।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक सीपीआई के खाद्य समूह में फरवरी माह के दौरान मूल्य वृद्धि 3.87 प्रतिशत रही जो कि एक माह पहले 1.89 प्रतिशत पर थी।मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का उत्पादन में जनवरी में 2 फीसदी की गिरावट है। माइनिंग सेक्टर की गिरावट 3.7 फीसदी रही। वहीं, पावर जेनरेशन की ग्रोथ 5.5 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
आपको बता दें कि रिजर्व बैंक अपनी मौद्रिक नीति की समीक्षा के दौरान मुख्यतौर पर खुदरा मुद्रास्फीति पर ही गौर करता है। आरबीआई ने खुदरा महंगाई दर को 4 फीसदी पर रखने का लक्ष्य रखा है, इसमें दो फीसदी अधिक या कम नीचे रहेगा।
