1,200 साल से अधिक पुराना तिरुपति मंदिर दक्षिणी भारत में प्राचीन पूजा स्थलों में से एक है। तिरुमाला पहाड़ी पर स्थित भगवान श्री वेंकटेश्वर का पवित्र मंदिर, तिरुपति से घाट सड़क द्वारा 26 किलोमीटर दूर पूर्वी घाट में सात पहाड़ियों के बीच बसा एक प्रसिद्ध पर्यटक स्थल है। IRCTC गोविंदम टूर पैकेज के साथ, पर्यटक और तीर्थयात्री सस्ती कीमत पर तिरुपति दर्शन का आनंद ले सकते हैं। यह पैकेज तिरुमाला और त्रिखानूर जिले को कवर करेगा। पैकेज में स्लीपर/3AC में ट्रेन की यात्रा, तिरुपति में आराम लिए आवास की व्यवस्था होगी। इसके अलावा वहां लोकल साइट सीन्स के लिए रोड ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था है। इसके अलावा पैकेज में ब्रेकफास्ट, लंच, डिनर के साथ गाइड सर्विस, ट्रेवल इंश्योरेंस और सभी टैक्स शामिल हैं। IRCTC की वेबसाइट के मुताबिक इसके लिए ड्रेस कोड होगा। इसमें पुरुष सफेद रंग की धोती और शर्ट या कुर्ता और पजामा पहनेंगे। वहीं महिलाओं को साड़ी या सलवार कमीज पहननी होगी। इसके साथ पल्लू रखना जरूरी है। तीर्थ यात्री जीन्स टीशर्ट जैसे कपड़े नहीं पहन सकते हैं।
पैकेज की कीमत की बात करें तो सबसे पहले 3AC के सिंगल ऑक्यूपेंसी वाले पैकेज की कीमत 6,446 रुपए प्रति यात्री है। वहीं डबल ऑक्यूपेंसी वाले पैकेज की कीमत 5631 रुपए प्रति यात्री है। वहीं ट्रिपल ऑक्यूपेंसी वाले पैकेज की कीमत 5600 रुपए प्रति यात्री है। वहीं 5 से 11 साल के बच्चे के लिए बेड के साथ 4814 रुपए देने होंगे, वहीं बिन बेड के भी 4814 रुपए देने होंगे।
अब स्टेंडर्ड स्लीपर क्लास की बात करते हैं। सिंगल ऑक्यूपेंसी वाले पैकेज की कीमत 4,675 रुपए प्रति यात्री है। वहीं डबल ऑक्यूपेंसी वाले पैकेज की कीमत 3,860 रुपए प्रति यात्री है। वहीं ट्रिपल ऑक्यूपेंसी वाले पैकेज की कीमत 3,829 रुपए प्रति यात्री है। वहीं 5 से 11 साल के बच्चे के लिए बेड के साथ 3,043 रुपए देने होंगे, वहीं बिन बेड के भी 3,043 रुपए देने होंगे।
आईआरसीटीसी ट्रेनों के देर से चलने के कारण यात्रा कार्यक्रम के अनुसार एक या अधिक सर्विस के कम होने के लिए उत्तरदायी नहीं है। पर्यटकों को समय का सख्ती से पालन करना चाहिए। आईआरसीटीसी दर्शन और वापसी ट्रेन सहित किसी भी सेवा से वंचित रहने पर उत्तरदायी नहीं होगा। यदि पर्यटक किसी भी स्थान पर आईआरसीटीसी द्वारा व्यवस्थित की गई बस के छूटने पर अपने खर्च पर दूसरी जगह पहुंचना होगा। किसी भी यात्री का कोई भी सामान खोने पर आईआरसीटीसी की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।

