इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) की ई-टिकटिंग वेबसाइट http://www.irctc.co.in को अब करोड़ों यूजर्स एक्सेस नहीं कर पाएंगे। सिक्योरिटी बढ़ाने के मद्देनजर इंडियन रेलवे ने अपनी ऑफिशियल वेबसाइट को टीएलएस 1.2 पर माइग्रेट करने कर दिया है। इसके बाद विंडोज एक्सपी और विंडोज सर्वर 2003 के यूजर आईआरसीटीसी की वेबसाइट को अपने सिस्टम पर चला नहीं पाएंगे।
आईआरसीटीसी के इस कदम के बाद ऐसे में यूजर्स को टिकट बुक करने के लिए विडोंज एक्सपी और विंडोज सर्वर 2003 को अपग्रेड करवाना पड़ेगा। इसके बाद ही यूजर अभी तक मिलने वाली सुविधा को जारी रख पाएंगे। वेबसाइट http://www.irctc.co.in को TLS 1.1 और TLS 1.2 में माइग्रेट कर दिया गया है। माइक्रोसॉफ्ट के ऑपरेटिंग सिस्टम Windows XP को TLS 1.1 और TLS 1.2 सपोर्ट नहीं करता। विंडोज-XP और माइक्रोसॉफ्ट सर्वर 2003 का इस्तेमाल कर रहे यूजर्स को अब अपना सिस्टम विंडोज-7, विंडोज 8, विंडोज 8.1 या विंडोज 10 के अलावा विंडोज विस्टा से भी अपग्रेड कराना होगा।
बता दें कि, बीते दिनों आईआरसीटीसी की तरफ से कहा गया था कि इस प्लेटफॉर्म से टिकट बुक करने वाले यूजर को 50 लाख रुपए का ट्रैवल इंश्योरेंस मिलेगा। यात्रियों का यह इंश्योरेंस बिना किसी शुल्क के दिया जाएगा। यह सुविधा डोमेस्टिक और इंटरनेशनल उड़ान के यात्रियों को मिलेगी। बीमे में एक तरफ और आने जाने की यात्राओं को कवर किया जाएगा।
रेल यात्रियों की सहूलियत के लिए इस वेबसाइट को 1999 में लॉन्च किया गया था। वेबसाइट के माध्यम से कोई भी व्यक्ति ई-टिकट बुक कर सकता है। साथ ही रिजर्वेशन बुक, रिजर्वेशन कैंसिल, तत्काल टिकट बुक, पीएनआर चेक, ट्रेन की टाइमिंग की जानकारी, ट्रेन के रूट की जानकारी, ट्रेनों में सीट की उपलब्धता, विशेष ट्रेनों की जानकारी सहित यात्रा से जुड़ी कई जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं। इन सब के लिए जरूरी है आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर यूजर अकाउंट बनाना। अकाउंट बनाने के लिए किसी तरह का पैसा नहीं देना पड़ता है। अकाउंट बनाने के लिए यूजर सबसे पहले आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर जाएं। यहां ‘register’ ऑप्शन पर क्लिक करें। इसके बाद एक फॉर्म खुलता है, जिसमें अपना नाम, पता, ई-मेल आईडी, मोबाइल नंबर इत्यादि भरना पड़ता है।

