रेलवे, खानपान और पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के प्रस्ताव को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप लाने और स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए पेंट्री कारों को फिर से डिजाइन करने के प्रस्ताव पर सहमत हो गया है। भारतीय रेलवे ने आईआरसीटीसी को ट्रेन किचन को लेने और अगले तीन सालों में इसे बदलने के लिए फ्री हैंड दे दिया है। मिड डे के मुताबिक इसे लेकर मंगलवार को एक परिपत्र जारी किया गया। दो साल पहले, रेलवे ने पैंट्री कारों को स्क्रैप करने और क्षमता बढ़ाने के लिए एक और यात्री कोच जोड़ने का फैसला किया था। लेकिन बार-बार शिकायतें और गुणवत्ता वाले भोजन की मांग के कारण, उसने अपने फैसले को रिवाइज का फैसला किया।

एक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी ने कहा कि चल रही ट्रेनों में खाद्य पदार्थों की तैयारी, खाना पकाने और स्वच्छ भोजन का वितरण हमेशा आईआरसीटीसी के लिए एक चुनौती रहा है, और इसे आगे बढ़ाने के लिए उसने 200-250 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत पर सुधार का प्रस्ताव दिया था। उन्होंने कहा कि आईआरसीटीसी ने अपग्रेड किए गए पैंट्री कारों को बनाए रखने की जिम्मेदारी लेने की भी पेशकश की है। प्रक्रिया को समझाते हुए, अधिकारी ने कहा कि चूंकि यह पूंजीगत गहन अभ्यास है, इसलिए आईआरसीटीसी ने लागत का एक बड़ा हिस्सा सहन करने की पेशकश की है और भारतीय रेलवे के साथ 85:15 के अनुपात में राजस्व साझा करने का प्रस्ताव दिया है। खानपान नीति 2017 में निर्धारित नीति के मुताबिक यह अनुपात 40:60 का है।

अनुपात में बदलाव करने के लिए सहमत हुए, रेलवे बोर्ड ने आईआरसीटीसी को पैंट्री कारों को सेवा में लाने की तारीख से पांच साल के लिए मैनेज करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। आईआरसीटीसी को अब सभी रिडिजाइन और अपग्रेड किए गए पैंट्री कारों का इंटीरियर फिर से डिजाइन, अपग्रेड और रखरखाव करना है, जिसमें अग्नि सुरक्षा और पूरी सुरक्षा शामिल है। अब आप मामूली शुल्क में आपात स्थिति में ट्रेनों पर इलाज, दवाएं और अन्य डॉक्टर सेवाओं का फायदा उठा सकते हैं। मंगलवार 6 नवंबर को भारतीय रेलवे ने दिशानिर्देश निर्धारित किए जिसके अंतर्गत यात्रियों को 100 रुपए और दवाइयों की कीमत (अगर कोई हो) देकर डॉक्टर को बुलाया जा सकता है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ट्वीट और  हेल्पलाइन पर कॉल द्वारा कई पैसेंजर्स को मेडिकल स्टाफ की सुविधा दी गई है।