भारतीय बैंकिंग क्षेत्र के एक प्रमुख हस्ती और निजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई बैंक के चेयरमैन के वी कामत को ‘ब्रिक्स’ देशों द्वारा स्थापित किए जा रहे 50 अरब डॉलर के नव विकास बैंक (एनडीबी) का आज प्रमुख नियुक्त किया गया। ब्रिक्स में पांच उभरते विकासशील देश ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं।

वित्त सचिव राजीव महर्षि ने कहा कि कामत का कार्यकाल पांच साल होगा। नव विकास बैंक (एनडीबी) एक साल में अपना कारोबार शुरू कर सकता है।

ब्रिक्स देशों ने पिछले साल नव विकास बैंक स्थापित करने पर समझौता किया था। इसका मुख्याल चीन के शांघाई शहर में होगा। समझौते के मुताबिक भारत को इस बैंक का पहला अध्यक्ष नियुक्त करने का अधिकार मिला था।

महर्षि ने कहा कि कामत को एनडीबी का पहला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। ब्रिक्स देशों का सम्मिलित सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 16,000 अरब डॉलर है और ये वैश्विक आबादी के 40 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करते हैं।

नव विकास बैंक 50 अरब डॉलर की शुरुआती चुकता पूंजी से की जा रही है। इसमें हर सदस्य का योगदान 10 अरब डॉलर है।

कामत आईसीआईसीआई में लगभग एक दशक तक काम करने के बाद 1988 में मनीला स्थित एशियाई विकास बैंक (एडीबी) चले गए थे। एडीबी में उनके दायरे में चीन, भारत, इंडोनेशिया, बांग्लादेश और अन्य उभरते देशों से जुड़ी परियोजनाएं थीं।

ब्रिक्स विकास बैंक की स्थापना प्रक्रिया तेज करने की वकालत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल कहा था कि भारत को 2014 के अंत तक इस वित्तीय संस्थान पर समझौते के अंगीकार होने की उम्मीद है और 2016 में इसके उद्घाटन का लक्ष्य रखा जाना चाहिए।

मोदी ने यह टिप्पणी ब्राजील की राष्ट्रपति डिल्मा रूसेफ, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा के साथ पिछले साल नवंबर में ब्रिस्बेन (ऑस्ट्रेलिया) में हुए जी-20 सम्मेलन के दौरान हुई अनौपचारिक बैठक के दौरान की।

पांचो देशों के समूह के बीच गंभीर वार्ता के बाद हुए समझौते के तहत भारत के बाद ब्राजील और रूस को इस बैंक के लिए पांच-पांच साल की अध्यक्षता मिलेगी।