प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने 500 व 1,000 रुपए के पुराने नोट अवैध घोषित करते हुए बैंक व एटीएम से रुपए निकलवाने, जमा करने तथा नोट बदलवाने पर कई पाबंदियां लगा दीं। 9 नवंबर से देश में बैंकों व एटीएम के बाहर लोगों की भारी भीड़ नजर आ रही है। चूंकि एक निश्चित सीमा तक ही रुपए निकलवाए या बदलवाए जा सकते हैं, इसलिए लोगाें को परेशानी हो रही है। सरकार को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि स्िथति इतनी बिगड़ सकती है। इसलिए नरेंद्र मोदी सरकार ने बार-बार बदलाव किए। कभी एटीएम से पैसे निकालने की सीमा बदली तो नोट बदलवाने वालों पर भी लगाम लगाई। ऐलान को 9 दिन हो चुके हैं और तब से अब तक, कई बदलाव हो चुके हैं।
8 नवंबर को पीएम नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया कि लोग 4,000 रुपए तक के पुराने नोट बदलवा सकते हैं। इसकी समीक्षा 15 दिनों के बाद होनी थी। मगर हालात बिगड़े तो सरकार ने 13 नवंबर को यह सीमा बढ़ाकर 4,500 रुपए कर दी। 15 नवंबर को घोषणा हुई कि नोट बदलवाने आने वालों की उंगली पर स्याही लगाई जाएगी। 16 नवंबर को कुछ शाखाओं ने स्याही का इस्तेमाल शुरू कर दिया। 17 नवंबर को नोट बदलने की सीमा घटाकर 2,000 रुपए कर दी गई।
बैंक अकाउंट से रुपए निकालने की सीमा 8 नवंबर को 10,000 रुपए प्रतिदिन तथा 20,000 रुपए प्रति सप्ताह थी। 13 नवंबर को दैनिक सीमा हटा दी गई, साप्ताहिक सीमा 24,000 कर दी गई। 14 नवंबर को चालू खाते रखने वालों के लिए साप्ताहिक सीमा 50,000 रुपए कर दी गई। 17 नवंबर को फिर बदलाव किया गया और किसानों के लिए 25,000 रुपए प्रति सप्ताह तथा शादियों के लिए 2.5 लाख रुपए निकासी की इजाजत दी गई।
बैंक अकाउंंट में पैसा जमा करने पर 8 नवंबर को कोई नियम नहीं बना। इसके बाद 15 नवंबर को जन-धन अकाउंट्स में पैसा जमा करने की अधिकतम सीमा 50,000 रुपए तय कर दी गई।
एटीएम से पैसे निकालने पर 8 नवंबर को 2,000 रुपए प्रतिदिन की सीमा तय की गई थी। 19 नवंबर से इसे दोगुना किया जाना है। इसके बाद 13 नवंबर को सरकार ने री-कैलिबरेटेड एटीएम से 2,500 रुपए तक निकालने की छूट दे दी।
यूटिलिटी व सरकारी बिल के भुगतान के लिए 8 नवंबर को तीन दिन की छूट दी गई थी। जिसे 11 नवंबर को फिर तीन दिन के लिए बढ़ाया गया। 14 नवंबर को यह समय सीमा बढ़ाकर 24 नवंबर कर दी गई है।
