केंद्रीय शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू का कहना है कि देश की करीब 12 करोड़ आबादी स्मार्ट सिटी परियोजना से सीधे तौर पर लाभान्वित होगी। नायडू ने सूची जारी करते हुए कहा कि इन प्रस्तावित 98 स्मार्ट सिटी की आबादी करीब 12 करोड़ है जो 2011 की जनगणना के मुताबिक देश की कुल शहरी जनसंख्या का 35 फीसद है। स्मार्ट शहरों के मामले में उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु ने बाजी मारी है। वैसे नायडू के मुताबिक हर राज्य को कम से कम एक स्मार्ट शहर दिया गया है।
वहीं रीयल एस्टेट उद्योग ने सरकार के 98 स्मार्ट शहरों की घोषणा किए जाने का स्वागत किया, लेकिन साथ ही कहा कि सरकार को आर्थिक वृद्धि में तेजी और शहरी जीवन में सुधार लाने के लिए इन परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
चुने गए शहरों की संरचना के मुताबिक, 35 शहर ऐसे हैं जिनकी आबादी एक लाख से पांच लाख के बीच है। 21 शहर ऐसे हैं जिनकी आबादी पांच लाख से 10 लाख के बीच है। 25 शहर ऐसे हैं जिनकी आबादी 10 लाख से 25 लाख के बीच है। पांच शहर ऐसे हैं जिनकी आबादी 25 लाख से 50 लाख के बीच है।
चार शहरों-चेन्नई, ग्रेटर हैदराबाद, ग्रेटर मुंबई और अमदाबाद की आबादी 50-50 लाख से ज्यादा है। चुने गए 98 शहरों में 24 राजधानियां हैं, बाकी 24 व्यापारिक व औद्योगिक केंद्र हैं, 18 सांस्कृतिक व पर्यटन महत्त्व के केंद्र हैं, पांच शहरों में बंदरगाह हैं और तीन शैक्षणिक व स्वास्थ्य देखभाल केंद्र हैं।
एक लाख या इससे कम आबादी के बावजूद इस सूची में शामिल किए गए शहरों में सिलवासा, दीव, कवारत्ती, अरुणाचल प्रदेश का पासीघाट और सिक्किम का नाम भी है। स्मार्ट सिटी परियोजना में जिन नौ राजधानियों को शामिल नहीं किया गया है, वह पटना, ईटानगर, शिमला, बंगलुरु, दमन, तिरुवनंतपुरम, पुदुचेरी, गंगटोक और कोहिमा हैं।
बंगाल में कोलकाता के पास का न्यू टाउन, गोवा की राजधानी पणजी, हिमाचल प्रदेश का धर्मशाला उन आठ शहरों में हैं जो स्मार्ट सिटी की सूची में हैं।
बंगाल के विधान नगर, दुर्गापुर और हल्दिया भी स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए चुने गए शहर हैं। चेन्नई, इरोड, सलेम, कोयंबतूर, मदुरै और वेल्लूर तमिलनाडु के उन 12 शहरों में हैं जिन्हें सूची में शामिल किया गया है। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून और त्रिपुरा की राजधानी अगरतला के अलावा तेलंगाना से ग्रेटर हैदराबाद और ग्रेटर वारंगल को भी चुना गया है।
पंजाब से लुधियाना, जलंधर और अमृतसर जबकि ओड़ीशा से भुवनेश्वर और राउरकेला को सूची में जगह दी गई है। राजस्थान से अजमेर के अलावा राजधानी जयपुर, उदयपुर और कोटा भी सूची में शामिल हैं। गुजरात से गांधीनगर, अमदाबाद, सूरत और राजकोट सहित कुल छह शहरों को इस सूची में जगह मिली है। झारखंड से रांची को चुना गया है। हरियाणा से करनाल और फरीदाबाद जबकि केरल से कोच्चि को केंद्र की ओर से जारी सूची में रखा गया है। बिहार से बिहारशरीफ, भागलपुर और मुजफ्फरपुर जबकि आंध्र प्रदेश से विशाखापत्तनम, तिरुपति और काकीनाडा भी सूची में हैं।
वहीं रीयल एस्टेट उद्योग ने कहा कि सरकार को आर्थिक वृद्धि में तेजी और शहरी जीवन में सुधार लाने के लिए इन परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। रीयल एस्टेट कंपनियों के संगठन कनफेडरेशन ऑफ रीयल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन आॅफ इंडिया (क्रेडाई) ने यह मांग भी की कि यह मिशन पूरा करने में निजी क्षेत्र को भी शामिल किया जाना चाहिए।
उत्तर प्रदेश के सबसे अधिक 13 शहरों को स्मार्ट शहरों के तौर पर विकसित किया जाएगा, जबकि तमिलनाडु में 12, महाराष्ट्र में दस और मध्य प्रदेश में सात शहरों को स्मार्ट शहरों के तौर पर विकसित किया जाएगा। इस बीच विशेषज्ञों ने शहरी स्तर पर ‘राजकाज’ के ढांचे में आमूलचूल बदलाव की जरूरत को रेखांकित करते हुए गुरुवार को कहा कि शहरों में इस परियोजना के लिहाज से ‘राजकाज’ में बदलाव बहुत मायने रखता है।
इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के मुख्य अर्थशास्त्री देवेंद्र कुमार पंत ने कहा, ‘स्थानीय शहरी निकायों की वित्तीय स्थिति को देखें जो कि कहीं से भी स्वस्थ नहीं है तो उक्त सेवाओं के लिए प्रावधान बड़ी चुनौती होगी। इस मद में लागत वसूली के लिए उपयोक्ता शुल्क लगाना इन सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए अहम होगा’।
केपीएमजी इंडिया के साझेदार जयजीत भट्टाचार्य ने कहा, ‘यह घोषणा सकारात्मक कदम है। अगले चरण के तहत 20 शहरों का पहला सेट बनेगा जिन्हें 500 करोड़ रुपए का बजटीय समर्थन मिलेगा’।
उन्होंने कहा कि यह राशि भारतीय शहरों के कायापलट की प्रक्रिया में केवल सीड राशि होगी। श्नाइडर इलेक्ट्रिक इंडिया के प्रबंध निदेशक अनिल चौधरी ने कहा, ‘हम हर स्मार्ट शहर के लिए एक विशेष उद्देश्यीय कंपनी (एसपीवी) स्थापित करने के केंद्र के फैसले का स्वागत करते हैं’।
ये हैं 8 ‘स्मार्ट’ राज्य
उत्तर प्रदेश के सबसे अधिक 13 शहरों को स्मार्ट शहरों के तौर पर विकसित किया जाएगा, जबकि तमिलनाडु में 12, महाराष्ट्र में दस और मध्य प्रदेश में सात शहरों को स्मार्ट शहरों के तौर पर विकसित किया जाएगा। गुजरात के छह, कर्नाटक के छह, बिहार के तीन और आंध्र प्रदेश के तीन शहर स्मार्ट होने की सूची में शामिल हैं।
