Budget 2026 and Artificial Intelligence : भारत अब सिर्फ आईटी सर्विस देने वाला देश नहीं रहा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के दौर में भारत को एक बड़े टेक हब के तौर पर देखा जा रहा है। यही वजह है कि दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां भारत में AI से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने के लिए अरबों डॉलर लगाने को तैयार हैं। सवाल यहै कि जब दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियां भारत में बड़ा निवेश करने की तैयारी दिखा रही हैं, तो क्या बजट 2026 में सरकार भी AI को लेकर कोई बड़ा ऐलान करेगी?

ग्लोबल टेक कंपनियों का बड़ा दांव

पिछले कुछ महीनों में AI को लेकर भारत में निवेश की रफ्तार काफी तेज हुई है। माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) ने भारत में क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए कुल 20.5 अरब डॉलर के निवेश का ऐलान किया है। इसमें दिसंबर में किया गया 17.5 अरब डॉलर का नया निवेश भी शामिल है। कंपनी का फोकस भारत में हाइपरस्केल डेटा सेंटर्स और AI कैपेसिटी बढ़ाने पर है, ताकि देश के डेटा को देश में ही सुरक्षित रखा जा सके।

गूगल (Google) भी पीछे नहीं है। कंपनी ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में 15 अरब डॉलर की लागत से AI-केंद्रित डेटा हब बनाने का फैसला किया है। यह अमेरिका के बाहर गूगल का सबसे बड़ा डेटा सेंटर इनवेस्टमेंट माना जा रहा है, जो एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में जेनरेटिव AI सर्विसेज का आधार बनेगा।

अमेजन वेब सर्विसेज (Amazon Web Services) ने भी 2030 तक भारत में करीब 12.7 अरब डॉलर का निवेश करने का कमिटमेंट जाहिर किया है। वहीं मुकेश अंबानी का रिलायंस ग्रुप भी गुजरात के जामनगर में 1 गीगावॉट का AI डेटा सेंटर कॉम्प्लेक्स तैयार कर रहा है, जिसे आगे चलकर 3 गीगावॉट तक बढ़ाया जाएगा। अनुमान है कि रिलायंस ग्रुप 2027 तक इस प्रोजेक्ट में 20 से 30 अरब डॉलर तक निवेश कर सकता है।

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पिछले बजट में AI पर क्या हुए थे एलान

पिछले बजट (Budget 2025-26) में भी सरकार ने AI को लेकर गंभीर इरादे दिखाए थे. मार्च 2024 में इंडिया एआई मिशन (IndiaAI Mission) को मंजूरी दी गई थी, जिसके लिए 5 साल में 10,371.92 करोड़ रुपये का बजट एलोकेट किया गया। इसका मकसद भारत में AI को आगे बढ़ाना है।

इस मिशन के तहत सरकार ने हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग पर जोर दिया। शुरुआत में जहां 10,000 GPU का लक्ष्य रखा गया था, वहीं अब यह लक्ष्य बढ़कर 38,000 GPU तक पहुंच चुका है. इससे स्टार्टअप्स, रिसर्चर्स और यूनिवर्सिटीज को कम लागत में कंप्यूटिंग पावर मिल सकेगी।

पिछले साल पेश बजट (Union Budget 2025-26) में IndiaAI Mission के लिए 2,000 करोड़ रुपये रखे गए, जो AI से जुड़े किसी एक मिशन के लिए दिया गया अब तक का सबसे बड़ा सपोर्ट माना गया।

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के जरिये AI को बढ़ावा

सरकार ने शिक्षा क्षेत्र के लिए AI का एक नया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) बनाने का भी ऐलान किया था, जिसके लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। इसके अलावा पहले से चल रहे AI CoE के बजट को बढ़ाकर 200 करोड़ रुपये कर दिया गया। कुल मिलाकर वित्त वर्ष 2026 में AI से डायरेक्ट या इनडायरेक्ट रूप से जुड़ी स्कीम्स के लिए 4,349.75 करोड़ रुपये रखे गए।

हालांकि इंडस्ट्री का मानना है कि सिर्फ सेंटर खोलने से बात नहीं बनेगी। असली जरूरत जमीन पर इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री को मिलने वाले ठोस टैक्स इंसेंटिव की है।

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नए बजट क्या हैं से AI सेक्टर की उम्मीदें?

AI में निवेश करने वाली कंपनियों को आने वाले बजट (Budget 2026) से काफी उम्मीदें हैं। डेलॉयट की रिपोर्ट (Deloitte Budget Expectations 2026) के मुताबिक अगर भारत को AI में आत्मनिर्भर बनना है, तो डेटा सेंटर्स और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को देश में ही मजबूत करना होगा।

इंडस्ट्री की सबसे बड़ी मांग है कि AI डेटा सेंटर्स को लंबी अवधि की टैक्स राहत मिले. इसमें 20 साल तक का कंडीशनल टैक्स हॉलिडे, कंस्ट्रक्शन और बिजली पर होने वाले खर्चों पर GST इनपुट टैक्स क्रेडिट या रिफंड शामिल हो है।

इसके अलावा GPU, कूलिंग सिस्टम और UPS जैसे जरूरी उपकरणों पर कस्टम ड्यूटी में छूट की भी मांग उठ रही है, ताकि प्रोजेक्ट की लागत कम की जा सके। स्टार्टअप्स के लिए क्रेडिट स्कीम की भी बात हो रही है, जिससे उनकी लागत कम हो।

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सस्टेनेबिलिटी और देसी AI मॉडल पर जोर

AI डेटा सेंटर्स के साथ बढ़ती बिजली खपत भी चिंता का विषय है. इसलिए उम्मीद की जा रही है कि नए बजट में ऐसे इंसेंटिव दिए जाएं, जो रिन्यूएबल एनर्जी और एनर्जी एफिशिएंसी को बढ़ावा दें। जैसे पावर यूसेज इफेक्टिवनेस  यानी PUE को 1.4 से कम रखने वाले डेटा सेंटर्स को अतिरिक्त टैक्स बेनिफिट देना।

साथ ही भारत को अपने देसी AI मॉडल बनाने पर भी फोकस करना होगा। इसके लिए लोकल डेटा, लोकल हार्डवेयर और इंडियन कॉन्टेक्स्ट पर आधारित मॉडल जरूरी हैं। टैलेंट पाइपलाइन मजबूत करने के लिए स्कूल और कॉलेज स्तर पर प्रोजेक्ट-बेस्ड AI लर्निंग को भी अहम माना जा रहा है।

अब देखना यह है कि बजट 2026 में इन उम्मीदों को पूरा करके भारत में AI के विकास को नई रफ्तार देने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।