bharat coking coal share price: भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) ने सोमवार (19 जनवरी 2026) शेयर बाजार में दमदार एंट्री की। कंपनी के शेयर एनएसई और बीएसई दोनों एक्सचेंजों पर लिस्ट हुए जहां लिस्टिंग के साथ ही निवेशकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। BCCL का शेयर अपने इश्यू प्राइस से करीब 95.65% प्रीमियम पर लिस्ट हुआ जिसने बाजार में मजबूत शुरुआत का संकेत दिया और निवेशकों को शानदार लिस्टिंग गेन दिलाया।

सोमवार को भारत कोकिंग कोल के शेयरों ने शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत की। बीएसई पर यह शेयर अपने आईपीओ इश्यू प्राइस 23 रुपये के मुकाबले 96.57% की छलांग लगाते हुए 45.21 रुपये पर खुला। वहीं एनएसई पर शेयर करीब 45 रुपये के स्तर पर ट्रेड करता दिखा जो ऑफर प्राइस से लगभग 95.65% की बढ़त दिखाता है।

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आईपीओ को निवेशकों की जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी और लिस्टिंग बाजार की उम्मीदों के अनुसार रही। कुल मिलाकर यह आईपीओ 143.85 गुना सब्सक्राइब हुआ।

रिटेल निवेशकों की कैटेगिरी में इसे 49.37 गुना सब्सक्रिप्शन मिला जबकि क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) ने इसे 310.81 गुना सब्सक्राइब किया। एनआईआई (NII) कैटेगरी में आईपीओ 240.49 गुना भरा गया वहीं शेयरहोल्डर कोटा में सब्सक्रिप्शन 87.20 गुना रहा।

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क्या करती है भारत कोकिंग कोल

भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) ने 1,071.11 करोड़ रुपये के बुक-बिल्ट आईपीओ के जरिए प्राइमरी मार्केट में कदम रखा। यह इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) था, जिसमें कोई भी नई इक्विटी जारी नहीं की गई। इस आईपीओ में शेयर प्रमोटर कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा पेश किए गए थे।

बीसीसीएल की स्थापना जनवरी 1972 में कोयला खदानों के राष्ट्रीयकरण के बाद हुई थी। कंपनी ने झारखंड और पश्चिम बंगाल में फैली 200 से अधिक खदानों का अधिग्रहण किया। अभी यह कोयला मंत्रालय के अधीन काम करती है और कोल इंडिया लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है।

कंपनी का खनन कार्य मुख्य रूप से झरिया और रानीगंज कोयला क्षेत्रों में केंद्रित है। इसका लीजहोल्ड क्षेत्र झारखंड और पश्चिम बंगाल में फैले करीब 288 वर्ग किलोमीटर में है। ये इलाके भारत की कोकिंग कोल आपूर्ति के लिए बेहद अहम माने जाते हैं खासकर इस्पात उद्योग की जरूरतों के लिहाज से।

बीसीसीएल ओपनकास्ट, अंडरग्राउंड और मिश्रित तरीकों से खनन करती है। सितंबर 2025 तक कंपनी के पास कुल 34 खदानें थीं, जिनमें 26 ओपनकास्ट इकाइयां शामिल हैं। यह मिश्रित मॉडल उत्पादन में लचीलापन देता है, लेकिन सुरक्षा, भूमि उपयोग और पुनर्वास से जुड़ी चुनौतियां भी पैदा करता है।

कंपनी का मुख्य उत्पाद कोकिंग कोल है, जिसका इस्तेमाल स्टील निर्माण में किया जाता है। इसके अलावा बीसीसीएल नॉन-कोकिंग कोल और वॉश्ड कोल की आपूर्ति भी बिजली और अन्य उद्योगों को करती है। फिलहाल कंपनी की आठ कोल वॉशरी चालू हैं, जबकि चार नई वॉशरी विकास के चरण में हैं, जिससे कोयले की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।