भारत ने क्वींसलैंड में अडाणी की 16.5 अरब डालर की विवादास्पद परियोजना के पटरी से उतरने को लेकर अपनी निराशा से आस्ट्रेलिया को अवगत करा दिया है। पर्यावरण संंबंधी मुद्दों के चलते यह परियोजना विवादों में घिरी है।
भारतीय उच्चायुक्त नवदीप सूरी ने आज बताया कि इस मामले पर हाल ही में एक बैठक के दौरान आस्ट्रेलियाई व्यापार मंत्री एंड्रयू राब के साथ विचार विमर्श हुआ था।
सूरी ने पीटीआई भाषा से कहा, ‘हमने अडाणी कारमाइकल परियोजना, क्वींसलैंड पर भी बात की और मैंने हाल ही के घटनाकÑम पर हमारी निराशा से उन्हें अवगत कराया।’
उच्चायुक्त ने कहा कि आस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री टोनी एब्बाट भी भारतीय खनन कंपनी की इस परियोजना के समर्थन में है। सूरी ने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि बकाया मामलों का कोई त्वरित व सर्वसम्मत समाधान निकाला जा सकता है।’
क्या अडाणी की परियोजना के मुद्दे का असर द्विपक्षीय संबंधों पर होगा, यह पूछे जाने पर सूरी ने जोर दिया कि आस्ट्रेलिया के साथ संबंध किसी एक मुद्दे पर निर्भर नहीं करते हैं।
उन्होंने कहा, ‘मैं जोर देकर कहना चाहूंगा कि यह कोई एक मुद्दे वाला रिश्ता नहीं है। बीते वर्षाें में आस्ट्रेलिया के साथ संबंध सही मायनों में बहुआयामी हो गए हैं।’
हालांकि, उन्होंने कहा कि कारमाइकल जैसी प्रमुख भारतीय निवेश परियोजनाओं की सफलता ‘दूसरे निवेशकों के लिए मजबूत उत्प्रेरक का काम कर सकती है और आस्ट्रेलियाई पक्ष इससे पूरी तरह जागरूक है।’
उल्लेखनीय है कि पिछले साल प्रधानमंत्री नरें्रद मोदी की आस्ट्रेलिया यात्रा पर उनके साथ आए प्रमुख उद्योगपतियों में अडाणी माइनिंग के संस्थापक गौतम अडाणी भी शामिल थे। अडाणी की कारमाइकल कोयला खान की मंजूरी को संघीय अदालत ने पिछले सप्ताह खारिज कर दिया था।