कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने आज प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पर आरोप लगाया कि वह एयरसेल – मैक्सिस मामले में उनके पीछे पड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकी में उनका नाम नहीं है और आरोपों का जवाब अदालत में दिया जाएगा। पूर्व वित्त मंत्री की यह टिप्पणी उस वक्त आई है जब दिल्ली की एक अदालत ने चिदंबरम और उनके पुत्र कार्ती की गिरफ्तारी पर लगी रोक को सात अगस्त तक के लिए बढ़ा दिया। चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा , ‘‘ एयरसेल – मैक्सिस मामले में किसी अपराध का उल्लेख करते हुए प्राथमिकी नहीं है। ईडी पीछे पड़ी हुई है और आरोपों का जवाब अदालत में दिया जाएगा। चिदंबरम ने 30 मई को अदालत से इस मामले में गिरफ्तारी से संरक्षण देने का अनुरोध किया था। उनका कहना था कि इस मामले के सभी साक्ष्यों की प्रकृति दस्तावेजी लगती है और वे पहले से मौजूदा सरकार के पास हैं।

इसके अलावा , उनसे कुछ और बरामद नहीं किया जाना है। अदालत ने टूजी स्पेक्ट्रम मामले से जुड़े एयरसेल – मैक्सिस मामले में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा क्रमश : 2011 और 2012 में दर्ज दो मामलों में कार्ति को आज तक के लिए गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया था। यह मामला एयरसेल में निवेश के लिए मैसर्स ग्लोबल कम्युनिकेशन होल्डिंग सर्विसस लिमिटेड को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी देने से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के खिलाफ एयरसेल-मैक्सिम मामले में एक आरोप-पत्र दायर किया। यह आरोप-पत्र दिल्ली की एक अदालत में दायर किया गया है, जिसने इस मामले की सुनवाई चार जुलाई को तय की है।

जांच एजेंसी ने कार्ति चिदंबरम पर धनशोधन अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के तहत मामला दर्ज किया है। यहां एक विशेष अदालत ने दो मई को एयरसेल-मैक्सिम सौदे में कार्ति चिदंबरम की गिरफ्तारी पर 10 जुलाई तक रोक लगा दी है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और ईडी एयरसेल-मैक्सिस सौदे में विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी दिलाने में कार्ति चिदंबरम की भूमिका की जांच कर रही हैं। उस समय 2016 में उनके पिता पी. चिदंबरम केंद्रीय वित्तमंत्री थे। कार्ति को आईएनएक्स मीडिया मामले में भी आरोपी बनाया गया है, जिसमें उन पर 305 करोड़ रुपये के निवेश के लिए एफआईपीबी मंजूरी में अनियमितता का आरोप लगाया गया है।